
उन्नाव. एक भाई ने बहन बन कर उसे प्रेमी झील के किनारे बुलाया और स्वयं बहन की मैक्सी पहन कर मौके पर गया था। जैसे ही रात में प्रेमी मौके पर आया मैक्सी पहने भाई से लिपट गया। फिर क्या था। भाई ने प्रेमी को उठाकर पटक दिया। इसी बीच को आड़ में छिपकर खड़ा दोस्त भी मौके पर आ गया और दोनो ने मिलकर प्रेमी को दुपट्टा से गला कस कर मौत के घाट उतार दिया। विगत 27 अप्रैल को हुई इस घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 48 घंटे के अंदर थाना पुलिस ने घटना का खुलासा करके उल्लेखनीय काम किया है। थाना पुलिस को पुरूस्कृत किया जायेगा।
विनोद ने नहीं माना तो उसे दूर कर दिया
घटना गंगाघाट थाना क्षेत्र के गांव धोबीघाट स्थित झील के पास की है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि विगत 28 अप्रैल को विनोद (18) का शव मिला था। जिसकी गला दबाकर हत्या की गयी थी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। वहीं गंगाघाट कोतवाली में 302 का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जानकारी मिली कि मृतक विनोद अभियुक्त शिवम की बहन से प्यार करता था। शिवम विनोद को बहन से दूर रहने के लिये कहता था। परंतु विनोद नहीं मानता था।
बहन के मोबाइल से चैटिंग करके बुलाया था मौके पर
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के अनुसार शिवम ने बताया कि तीन दिन पूर्व शिवम की बुआ की लड़की जो यहीं रह कर पढाई करती थी अपने घर चली गयी। परंतु वह अपना मोबाईल यहीं पर भूल गयी। शिवम ने उसी मोबाइल से विनोद से बहन बन कर चैटिंग करना शुरू किया। इसी दौरान उसने रात में चैटिंग के माध्यम से विनोद को धोबीघाट के पास स्थित झील के पास 27 अप्रैल की रात 11:00 बजे बुलाया। जहां पर शिवम अपनी बहन की मैक्सी पहन कर गया था। इसके पहले उसने अजय उर्फ दारा पुत्र भगवानदीन निवासी रतीराम पुरवा थाना गंगाघाट को आड़ में छुपा दिया था।
हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा आदि भी मौके से बरामद
इधर विनोद ने समझा कि मैक्सी पहने उसकी प्रेमिका इंतजार कर रही है। वह उससे लिपट गया। इसी बीच शिवम ने आव देखा न ताव, बस विनोद को जमीन पर पटक दिया और अजय की सहायता से दुपट्टा से गला कसकर उसकी हत्या कर दी और शव को झील के किनारे छुपा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा, मेक्सी, दो मोबाइल फोन, मृतक की चप्पल और आईडी बरामद कर लिया है। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर स्वतंत्र कुमार सिंह भी मौजूद थे। अपर पुलिस अधीक्षक अभियुक्तों को पकड़ने वाली टीम को पुरूस्कृत करने की घोषणा की। पकड़ने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी दिनेश चन्द्र मिश्रा, आरक्षी सुल्तान सिंह, आरक्षी सुरेन्द्र पाल, आरक्षी फैयाज अली शामिल हैं।
Published on:
01 May 2018 04:20 pm
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