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अखाड़े की जमीन मजार: निकला धार्मिक उन्माद फैलाने का मामला, शिकायत करने वाला गिरफ्तार

Hanuman platform converted into Mazar उन्नाव में हनुमान चबूतरे को मजार का रूप दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है उन्होंने उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया है कि रातों-रात इसे हरे रंग में रंग कर मजार बना दिया गया। इसे तत्काल हटाए जाने की मांग की है।‌ साथ ही आरोपी व्यक्ति का पट्टा तत्काल निरस्त कर दिया जाए।

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पहले और अब- तस्वीर बोलती हैं

platform converted into Mazarexposure उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अखाड़ा की जमीन पर रातों-रात मजार बना दिया गया। उसे हरे रंग से रंग कर झंडी लगा दी गई। जबकि गांव में कोई मुस्लिम परिवार भी नहीं रहता है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में यह जानकारी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का ही एक व्यक्ति किसी धर्म विशेष से फंड लेकर यह निर्माण कार्य कराया है। जिसे तत्काल हटाया जाना जरूरी है। वरना ग्रामीण खुद ही हटा देंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मामला हसनगंज तहसील का है। शिकायत मिलने पर प्रशासनिक टीम ने मौके की जांच की। जिसमें मामला झूठा निकला। शिकायतकर्ता ने खुद ही पहले चबूतरे का रंग बदला था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया है कि ग्राम सभा अहमदपुर में पूर्वजों के जमाने से अखाड़ा की भूमि है। इस स्थान पर गांव के लोग कुश्ती लड़ते थे। मिट्टी इकट्ठा करने की परंपरा हर अखाड़े में होती है। गांव में कोई भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है और ना ही मुस्लिम की कोई जमीन गांव में है। लेकिन गांव के ही रहने वाले विजयपाल पुत्र बाबू, अनुराग पुत्र जंगली ने रातों-रात हनुमान चबुतरे को खत्म कर मजार बना दिया। यह लोग किसी धर्म विशेष के व्यक्ति से मिले हुए हैं। उन्हीं से फंड ले रहे होंगे।

यहां पर किसी की समाधि नहीं

ग्रामीणों ने कहा कि इस मजार को तत्काल हटाया जाना अति आवश्यक है। हिंदू जन मानस में आक्रोश व्याप्त है। इसलिए उक्त मजार को हटाए जाने का तत्काल आदेश दिया जाए। नहीं तो हिंदू समाज खुद ही आगे बढ़कर उक्त मजार को हटा देगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थान पर ना ही किसी की समाधि है। धार्मिक दृष्टि से मजार हटाना अति आवश्यक है।

विजयपाल का पट्टा निरस्त किया जाए

अपने शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि विजयपाल को पट्टा से बेदखल कर इस भूमि को राजस्व अभिलेखों में पुनः वापस ले लिया जाए। शिकायती पत्र देने वालों में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कमलेश सिंह, सूरज सिंह, मैंकू सिंह, प्रमोद सिंह, राम गोपाल सिंह, शिव प्रकाश सहित करीब आधा सैकड़ा लोग शामिल है।

एसडीएम और सीओ की जांच में हुआ खुलासा

शिकायती पत्र के आधार पर उप जिलाधिकारी हसनगंज और क्षेत्राधिकारी हसनगंज, प्रभारी निरीक्षक हसनगंज के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की।‌ जांच में निकल कर सामने आया कि इस भूमि पर 45 वर्ष पहले कल्लू पुत्र निरंजन के नाम कृषि पट्टा हुआ था। जिसके बाद विरासत में विजयपाल पुत्र कल्लू निवासी अहमदपुर वादे के नाम दर्ज हो गई। जिस पर समस्त ग्रामीण अपने-अपने मनौती को पूरा करने के लिए अगरबत्ती आदि जलाया करते थे। 5 वर्ष पहले कमला पत्नी जगदीश ने यहां पर एक पक्का चबूतरा बनवा दिया। जिसकी पूजा अर्चना सैयद बाबा के नाम से की जाने लगी।

शिकायतकर्ता पर की गई कानूनी कार्रवाई

प्रशासनिक टीम की जांच में निकलकर सामने आया कि चार-पांच दिन पहले इस चबूतरे को सूरज सहित अन्य ने धार्मिक उन्माद फैलाने की मंशा से लाल रंग में रंग दिया। इसकी जानकारी होने पर दूसरे पक्ष ने 4 दिसंबर 2024 को फिर से पहले की तरह रंगवा दिया। पुलिस ने भ्रामक, धार्मिक उन्माद फैला कर सामाजिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में सूरज सिंह पुत्र जसवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस संदर्भ में उन्होंने लोगों से अपील की की सामाजिक माहौल बिगाड़ने, धार्मिक उन्माद फैलाने संबंधी सूचनाओं को सनसनीखेज ना बनाएं। अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।