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आर-पार की लड़ाई के मूड में लेखपाल, प्रशासन भी झुकने को तैयार नहीं, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश में लेखपालों हड़ताल जारी है। अब तक करीब 1000 लेखपाल बर्खास्त हो चुके हैं...
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Lekhpal Strike

आर-पार की लड़ाई के मूड में लेखपाल, प्रशासन भी झुकने को तैयार नहीं, देखें वीडियो

उन्नाव. उत्तर प्रदेश में लेखपालों हड़ताल जारी है। अब तक करीब 1000 लेखपाल बर्खास्त हो चुके हैं। करीब 9000 हजार लेखपालों को नोटिस जारी की जा चुकी है। अकेले उन्नाव जिले में अब तक करीब 14 लेखपालों का निलंबन किया जा चुका है और 200 लेखपालों को नोटिस जारी किया जा चुका है। सरकार ने हड़ताली लेखपालों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी जारी कर रखी है, फिर भी वे हड़ताल पर हैं। हड़ताली लेखपाल पिछले एक माह से विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल पर बैठे हैं। लेखपालों की हड़ताल के चलते जनता को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर जाति, आय और अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

नोटिस मिलने के बाद भी लेखपाल लगातार हड़ताल जारी रखे हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के बगल में स्थित खाली जगह पर लेखपाल धरना प्रदर्शन करते हुए शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मांगों के शासनादेश आने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी। शासन-प्रशासन चाहे जितना प्रयास कर ले उनकी हड़ताल नहीं टूट सकती।

हड़ताल पर अड़े लेखपाल
जिला प्रशासन ने अब तक 200 लोगों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है, वहीं 14 लेखपालों को निलंबित कर दिया है। निलंबन में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। निलंबन और नोटिस के बाद भी लेखपाल संघ हड़ताल खत्म करने के पक्ष में नहीं है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब उनके कदम पीछे नहीं हटेंगे। लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार पटेल ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किया जाता है, वे अपने कदम पीछे नहीं खीचेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी लेखपाल एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लग रहे हैं। अपर जिलाधिकारी बीएन यादव ने बताया कि लेखपालों को नोटिस दी गई है और उनके जवाब का इंतजार है।

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