
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में बड़ा उलट फिर हुआ है। जब समाजवादी पार्टी को बड़ी सफलता हाथ लगी। जब 80 सीटों पर दावा करने वाली बीजेपी को ताजा रुझान मिलने तक 33 सीटों पर संतोष करना पड़ रहा है। जबकि समाजवादी पार्टी 37 सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं। सहयोगी पार्टी कांग्रेस 7 सीटों पर आगे है। बीजेपी को 33 सीटों पर बढ़त है। यूपी में बीजेपी की हार को लेकर तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इनमें प्रमुख कारण महंगाई, बेरोजगारी है। व्यापारियों का मानना है कि महंगाई का मुख्य कारण जीएसटी है। खाद्य पदार्थों पर भी जीएसटी लगाया गया है। आईए जानते हैं इस मामले में जनता क्या कहती है?
हसनगंज तहसील के आशा खेड़ा हिम्मतगढ़ के रहने वाले रामबाबू अवस्थी ने कहा कि दरी बेचने वालों ने बीजेपी की दरी खींच ली है। कार्यकर्ताओं में भी काफी नाराजगी थी। प्रदेश में सांसद अपने काम की जगह 'मोदी की गारंटी' को ही दोहरा रहे थे। महंगाई, बेरोजगारी चरम पर है। इस विषय में कोई आवाज उठाता है। तो उसे कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।
अच्छे सामानों पर सांसद, विधायक और खास लोगों का कॉपीराइट
मोती नगर निवासी अमित त्रिवेदी ने बताया कि महंगाई और बेरोजगारी इतनी ज्यादा पड़ गई है कि घर का खर्च चलाना भी मुश्किल है। यदि आम जनता आवाज उठाती है तो मंत्री सांसद-विधायक कहते हैं कि महंगी चीजों को खाते हो, खाना बंद कर दो।
अमित त्रिवेदी ने बताया कि अच्छे सामानों पर केवल मंत्री, विधायक और अधिकारियों का कॉपीराइट है। आम आदमी इससे कोसों दूर है।आम आदमी कुछ बोल देता है तो उसकी राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठने लगता है। प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में सांसदों की कोई जवाबदेही नहीं रह गई है। केवल मोदी की गारंटी बताई जा रही है। जिस पर अखिलेश यादव भी सवाल उठा चुके हैं। आज की तारीख में कुछ छुपा नहीं है। जीएसटी का बेतहाशा कलेक्शन बता रहा है कि महंगाई कहां जा रही है।
Published on:
04 Jun 2024 02:23 pm
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