
Case filed against SHO, two SI and 7 police personnel उन्नाव में अदालत के आदेश पर साथ पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला निर्माण कार्य में वसूली और जेल में बंद करने से लेकर है। पुलिस धमकी दे रही थी झूठे केस में फंसा देंगे। जमानत पर छूटने के बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अदालत के आदेश के बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर, दो दरोगा सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला मांखी थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के मन की थाना क्षेत्र अंतर्गत मां की निवासी कमल किशोर अपने प्लांट में निर्माण कार्य कर रहे थे 24 फरवरी 2021 को तत्कालीन थाना अध्यक्ष माफी प्रभारी निरीक्षक माफी पवन कुमार सोनकर दरोगा स्वदेश कुमार उपनिरीक्षक स्वदेश कुमार उप निरीक्षक विनोद कुमार सहित चार पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए उन्होंने निर्माण कार्य रोकने को कहा इसी दौरान कमल किशोर ने अपनी बात रखी लेकिन पुलिस वालों ने एक नहीं सुनी और कमल किशोर और उनके बेटे को सीआरपीसी की धारा 151 के अंतर्गत जेल भेज दिया।
जेल से बाहर आने के बाद कमल किशोर ने पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। अपना मेडिकल परीक्षण कराया। इसके साथ ही एक मार्च 2021 को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेज कर घटनाक्रम की जानकारी दी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन पुलिस अधीक्षक ने भी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई के निर्देश नहीं दिए।
मजबूरी में पीड़ित कमल किशोर ने अदालत का सहारा लिया। जहां से उसे राहत मिली। अदालत के आदेश पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सोनकर, दो उप निरीक्षक सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ वसूली का मुकदमा दर्ज किया गया है।
Updated on:
24 Mar 2025 07:47 am
Published on:
24 Mar 2025 07:47 am
