
बच्चे की किलकारी सुनने की हो रही तैयारी, प्राइवेट नर्सिंग होम में मिली जच्चा बच्चा की मौत की खबर
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण मानक विहीन नर्सिंग होम मुख्यालय से लेकर दूरदराज क्षेत्रों तक संचालित है। जहां अनट्रेंड नर्सिंग स्टाफ के हाथ मरीज जान गवां रहे हैं। शिकायत आने पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करता है। लेकिन समय के साथ उन पर पर्दा पड़ जाता है और नर्सिंग होम धड़ल्ले से दौड़ने लगता है। इसी प्रकार का एक मामला पुरवा कोतवाली क्षेत्र से आया। जहां पर सीएमओ के आदेश पर प्राइवेट नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन 2 माह पूर्व रद्द कर दिया गया था। इसके बाद भी नर्सिंग होम चलता रहा। यह खुलासा तब हुआ जब एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी प्रकार का एक अन्य मामला सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के सामने आया। जहां जच्चा-बच्चा की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। बाद में समझौता के बाद मामला रफा-दफा हो गया।
सफीपुर में स्थित एक नर्सिंग होम में बीते मंगलवार की रात जच्चा बच्चा की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण जच्चा-बच्चा की मौत हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि उनकी बहन को मां लेकर यहां आई थी। जहां गलत इंजेक्शन के कारण उनकी मौत हो गई। बोले जब तक न्याय नहीं मिलेगा। वह यहां से नहीं हटेंगे। इस संबंध में सीएमओ ने बताया कि उपरोक्त प्राइवेट नर्सिंग होम का पंजीकरण है। इस बात की जांच कराई जाएगी। यदि डॉक्टर की लापरवाही मौत हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पुरवा कोतवाली क्षेत्र से भी हुई घटना
इसी प्रकार का एक मामला पुरवा कोतवाली क्षेत्र के एक नर्सिंग होम का सामने आया। जहां पर महिला का ऑपरेशन होना था। ऑपरेशन के दौरान खून अधिक बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सीएमओ ने बताया कि मृतक परिजनों की तहरीर पर पुरवा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उपरोक्त नर्सिंग होम का पंजीकरण 2 माह पूर्व निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद यह नर्सिंग होम कैसे संचालित हो रहा है। इसकी जांच कराई जाएगी।
Published on:
29 Jun 2022 09:51 pm
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