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देरी से चलती रेलगाड़ियां यात्रियों के लिए बनी परेशानी का सबब

देरी से चलती रेलगाड़ियां यात्रियों के लिए बनी परेशानी का सबब

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उन्नाव. यात्रीगण कृपया ध्यान दें लखनऊ से झांसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस आज रद्द कर दी गई है। कष्ट के लिए खेद है। उत्तर रेलवे के जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यह दो वाक्य यात्रियों के कष्टों को कम नहीं कर सकती है। वह भी तब जब लखनऊ से खुलने वाली गाड़ी के विषय में 4 घंटे बाद रद्द करने की जानकारी दी जा रही हो। इसके पहले इस ट्रेन का री शेड्यूल करके टाइमिंग बदला गया था। लेकिन अंत में गाड़ी कैंसिल कर दी गई। यही स्थिति लगभग सभी एक्सप्रेस व मेल गाड़ियों का रहा।

लखनऊ से दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भी अपने समय से कई घंटे लेट चल रही थी। लखनऊ से खुलने वाली एक अन्य ट्रेन जबलपुर एक्सप्रेस जो चित्रकूट होते हुए जबलपुर जाती है भी कई घंटे से लेट चल रही थी। कोहरा तो एक बहाना है यह एक मात्र भ्रष्ट कार्यप्रणाली का नमूना है। जहां गाड़ियों को लेट करना रेलवे की टाइम टेबल में शामिल हो गया है। रेलकर्मियों की बातचीत पर गौर किया जाए तो इसे कंट्रोलर के बद दिमागी या पागलपन बताया जाता है। इसी तरह के शब्दों को स्टेशन मास्टर कमरे में बैठकर सुना जा सकता है।

कई गाड़ियों के कैंसिल होने के बाद भी नहीं आया टाइम टेबल में सुधार

संबंध में बातचीत करने पर उन्नाव से दतिया मध्य प्रदेश स्थित माता बगलामुखी के दर्शन करने जा रहे यात्री जागेश्वर यादव व शिव विलास विश्वकर्मा ने बताया कि Google पर लगातार लखनऊ झांसी इंटरसिटी 11110 को 18.40 पर खुलने का संदेश जारी किया जा रहा था। पूछताछ काउंटर पर भी बताया गया कि गाड़ी 19 बचकर 45 मिनट पर प्लेटफॉर्म पर आ जाएगी। लेकिन 8:30 बजे तक गाड़ी का कोई अता-पता नहीं था। इस विषय में पूछताछ काउंटर कोई भी जानकारी देने से इंकार कर रहा था। अंत में 9:00 बजे के लगभग यह गाड़ी कैंसिल कर दी जाती है और यात्रियों से खेद प्रकट किया जाता है। जागेश्वर यादव ने बताया कि प्लेटफार्म पर गुजारे गए लगभग डेढ़ घंटे के अंदर केवल दो मालगाड़ियां ही लखनऊ कानपुर UP लाइन से गुजरी। इसके अतिरिक्त कोई भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं निकली। मालगाड़ियों के बाद शताब्दी एक्सप्रेस नॉन स्टॉप गुजर गई। उन्होंने बताया कि 5 घंटे के सफर वाले यात्रा में 8 - 10 घंटे गाड़ी लेट हो जाती हैं। इसका क्या कारण हो सकता है। जो जांच का विषय है।

45 मिनट के सफर में 3 घंटे से ज्यादा गाड़ी लेट

लखनऊ से खुलने वाली जबलपुर एक्सप्रेस को उन्नाव पहुंचने में 3 घंटे लेट से ज्यादा हो गई। जबकि झांसी इंटरसिटी को खुलने से पहले ही 4 घंटे से ज्यादा लेट कर दिया गया। कानपुर से खुलने वाली रायबरेली यात्री गाड़ी को 17 किलोमीटर का सफर तय करने में 3:30 घंटे से ज्यादा लग गए।

यही स्थिति कानपुर से खुलने वाली कानपुर प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस का था। जो अपने समय लगभग 3 घंटे लेट चल रही थी। यह उस समय हो रहा है जब झांसी पैसेंजर सहित कई महत्वपूर्ण गाड़ियों को कोहरे के कहर के नाम पर पहले ही रद्द कर दिया गया था।


रेल यात्रियों की समस्याओं का कोई पुरसाहाल नहीं

इसी संबंध में बातचीत करने स्टेशन मास्टर के कमरे में जिस जब संवादाता पहुंचे तो उन्होंने वायरलेस सिस्टम पर आने वाली बातों को सुना। जिसमें कंट्रोलर को पागल तक करार दिया जा रहा था। जो एक्सप्रेस ट्रेनों की कीमत पर मालगाड़ी को धड़ल्ले से निकाल रहा था। जबकि यात्रियों का रोष चालक व गार्ड के साथ स्टेशन मास्टर को भी झेलना पड़ता है। कंट्रोलर कि मनमानी से यात्री गाड़ी नहीं एक्सप्रेस व मेल यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।किस गाड़ी को कहां खड़ा कर दिया जाए। कोई कुछ नहीं जानता। यात्रियों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से लखनऊ कानपुर के बीच चलने वाली रेल गाड़ियों के टाइम टेबल और उनके वास्तविक परिचालन के समय पर ध्यान देने की मांग की है।


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