
उन्नाव: तो क्या चारों भाई-बहन की मौत करंट से नहीं, जहरीला पदार्थ खाने से हुई! बिसरा रखा गया सुरक्षित
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में चार भाई बहनों की मौत पर अब सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद चारों ही मासूम भाई बहनों का बिसरा सुरक्षित रखा गया है पोस्टमार्टम भी वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टर के पैनल ने किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। बिसरा की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। पोस्टमार्टम के बाद सभी बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना बारासगवर थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव के माजरा लालमन खेड़ा का है। डीएम अपूर्वा दुबे ने भी मौके पर पहुंचकर ढांढस बंधाया और मदद का आश्वासन दिया।
घटना वीरेंद्र कुमार सरोज के घर पर हुई है घटना के समय वीरेंद्र कुमार अपनी पत्नी शिव देवी के साथ खेत में चारा काटने गए थे। जबकि 9 वर्षीय मयंक, 8 वर्षीय हिमांशी, 6 वर्षीय हिमांक और चार वर्षीय मानसी घर में खेल रही थी। वीरेंद्र के अनुसार सबसे पहले बच्चों को गांव की ही रहने वाली रूप ने देखा था जो ड्रिल मशीन वापस करने के लिए आई थी रूपा के अनुसार बच्चे जमीन पर पड़े थे और उनके ऊपर पंखा गिरा हुआ था।
घटक की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन पोस्टमार्टम के पहले अचानक पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करने का निश्चय किया। यहीं से घटना को लेकर सवाल उठने लगे कि पुलिस ने यह निर्णय क्यों लिया? मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक भी पोस्टमार्टम हाउस में ही मौजूद रहे।
गांव में चर्चा है कि चारों बच्चों को दूध में जहर देकर मर गया है बाद में उनके ऊपर पंखा गिराया गया है जिससे कि लोग भ्रमित हो जाए। घटना के समय वीरेंद्र और उनकी पत्नी भी घर में नहीं थी। ऐसे में वीरेंद्र भी कुछ बात नहीं पा रहा है। उन्हें बताया कि घर में जहरीला पदार्थ भी कभी नहीं लाया गया है। उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने मृत्यु का संभावित कारण करंट लगा बताया है। स्थिति स्पष्ट करने के लिए विसरा प्रिजर्व किया गया है।
Published on:
21 Nov 2023 08:12 am
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