
घटनास्थल पर एंबुलेंस के पहुंचने में काफी देरी हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से भी राहत और बचाव कार्य में कोई सहयोग नहीं मिला। घायलों को तीन पहिया लोडर से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

दुर्घटनाग्रस्त चौराहा अति व्यस्ततम चौराहों में से एक है। जहां पर लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, उन्नाव के वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा यहां कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है रात भर पर अंधेरा रहता है।

घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

जिला अस्पताल में भी मृतक परिजनों का कहना था कि दुर्घटना के घंटों बाद कार में घायल फंसे रहे। प्रशासन की बड़ी लापरवाही निकलकर सामने आई।

जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से बातचीत की और उपचार के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

दुर्घटनाग्रस्त कार को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए कार में कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा। क्रेन के द्वारा गाड़ी को कार को उठाया गया।