उन्नाव. स्कूल के अंदर से आम रास्ता, बच्चों को सड़े गले फलों का वितरण, मिड-मील में अनियमितता, स्कूलों में शिक्षकों की लेट लतीफी और अनुपस्थिति आम बात हो गयी है। इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसका मुख्य कारण है विभाग के मुखिया का अपने कर्तव्यों के प्रति बेपरवाह होना। दूसरों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने से पहले स्वयं में सुधार करना आवश्यक है। ऐसे में और भी सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है, जब दाल में कुछ काला हो। ऐसा नहीं की सभी शिक्षक गण अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं, तमाम ऐसे शिक्षक हैं जो समय से विद्यालय आते जाते हैं और मिड डे मील का भोजन स्वयं भी लेते हैं। जिससे खाने की गुणवत्ता बनी रहती है। लेकिन ऐसे विद्यालयों की संख्या उंगली पर गिनी जा सकती है।