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क्या आपको जाननी है यूपी के प्राइमरी स्कूलों की हालत, पढ़िए ये खबर

प्राथमिक विद्यालय अनियमितता की गिरफ्त में हैं। 

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Nitin Srivastva

Sep 12, 2016

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उन्नाव. स्कूल के अंदर से आम रास्ता, बच्चों को सड़े गले फलों का वितरण, मिड-मील में अनियमितता, स्कूलों में शिक्षकों की लेट लतीफी और अनुपस्थिति आम बात हो गयी है। इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसका मुख्य कारण है विभाग के मुखिया का अपने कर्तव्यों के प्रति बेपरवाह होना। दूसरों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने से पहले स्वयं में सुधार करना आवश्यक है। ऐसे में और भी सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है, जब दाल में कुछ काला हो। ऐसा नहीं की सभी शिक्षक गण अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं, तमाम ऐसे शिक्षक हैं जो समय से विद्यालय आते जाते हैं और मिड डे मील का भोजन स्वयं भी लेते हैं। जिससे खाने की गुणवत्ता बनी रहती है। लेकिन ऐसे विद्यालयों की संख्या उंगली पर गिनी जा सकती है।


सड़े गले फल प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के नाम
हसनगंज तहसील, नवाबगंज विकास खंड का गांव हिम्मत गढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय अनियमितता की गिरफ्त में हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश रावत नेे बताया कि तमाम शिकायतें मिलने के बाद आज वह विद्यालय गये। राष्ट्रगान के समय वह गेट पर ही खडे़ हो गए। जहां से उन्होंने देखा कि प्रधान शिक्षिका बाउण्ड्री पकड़े मोबाइल पर बात कर रही हैं। बतौर प्रधान प्रतिनिधि उन्होंने जब प्रधान शिक्षिका से इस विषय में पूछा कि प्रधान को शिकायत मिली है कि आप प्रार्थना में भाग नहीं लेती हैं इसपर प्रधान शिक्षिका नाराज हो गयीं। उन्होने कहा कि मैं तुम्हारी शिकायत लखनऊ में कर दूंगी। तुम किस हैसियत से हमसे पूछताछ कर रहे हो।


प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि प्रधान की तरफ से आया हूं। फलों की खराब क्वालिटी पर प्रधान शिक्षिका ने बताया कि मैंने यह फल कल खरीदे थे और सुरक्षित रखने के लिये इन्हें एसी में रखा था। उसके बाद भी खराब हो गये तो मैं क्या करूं। सम्भव हो प्रधान शिक्षिका के घर में एसी लगा हो। उन्होंने बताया यह पूछने पर कि जूनियर विद्यालय में आप देखें कि अच्छे फलों का वितरण हो रहा है इसपर उन्होंने कहा कि जूनियर वाले यहीं पर फल ले लिये होगें। ओम प्रकाश ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई का स्तर काफी गिरा हुआ है। बच्चों को पहाड़ा आदि नहीं आते है।


BSA ने फोन नहीं उठाया
इस संबंध मे उन्होने संकुल प्रभारी गुरू प्रसाद से बातचीत की तो उन्होने कहा कि मैं छुट्टी पर हूं। विद्यालय में लिखे खंड शिक्षा अधिकारी से बातचीत की लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से बातचीत करने की कोशिश की। तीन बार फोन करने के बाद भी बीएसए ने फोन नहीं उठाया और न ही काॅल बैक किया। ओम प्रकाश रावत ने कहा कि जब बेसिक शिक्षा अधिकारी फोन पर बातचीत नहीं करेगें तो छात्रों की समस्याएं कैसे दूर होंगी। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय से बातचीत की। जहां से उन्हें बताया गया कि उपजिलाधिकारी को इस संबंध में बता रहे हैं। शीघ्र ही कार्रवाई होगी। सूत्रों के अनुसार बेसिक शिक्षा अधिकारी मुख्यालय में न रह कर लखनऊ से आते जाते हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि विभाग कितना सजग है। जिला प्रशासन की स्थिति एक अनार सौ बीमार वाली है।

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विद्यालय की टूटी बाउण्ड्री से जानवरों का आवागमन
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की बाउण्ड्री को गांव के ही एक दबंग ने तोड़कर आम रास्ता बना लिया है। दबंग अपने घर में जानवरों को ले जाने के लिए इस मार्ग का प्रयोग करता है। बताया जाता है उसकी दबंगई के कारण बाउण्ड्री बन नहीं पा रही है। जिससे विद्यालय की सुरक्षा में कभी सेंध लग सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र ही विद्यालय की बाउण्ड्री बनवाई जाये। जिससे विद्यालय की सुरक्षा हो सके।

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