
Lucknow UP cabinet
योगी सरकार ने 2024-25 के लिए नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत समूह क और ख के उन अधिकारियों का स्थानांतरण किया जा सकेगा, जिन्होंने जनपद में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। वहीं, समूह ग और घ में सबसे पुराने अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। समूह क और ख के अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए अधिकतम 20 प्रतिशत तो वहीं समूह ग और घ के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत की सीमा रखी गई है। इस स्थानांतरण नीति के तहत सभी स्थानांतरण आगामी 30 जून तक किए जाने हैं। सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 42 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक में पारित प्रस्तावों के विषय में जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने स्थानांतरण नीति 2024-25 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नीति में पिछले वर्ष की नीति के प्राविधानों का अनुसरण किया गया है।
समूह क और ख: जिन्होंने अपने सेवाकाल में मंडल में 7 वर्ष और जनपद में 3 वर्ष पूरे कर लिए हों वो स्थानांतरण नीति के अंतर्गत आएंगे। इनका स्थानांतरण अधिकतम 20 प्रतिशत तक होगा।
समूह ग और घ: सबसे पुराने अधिकारियों का पहले स्थानांतरण किया जाएगा और अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत होगी। खन्ना ने बताया कि यदि समूह क और ख में 20 प्रतिशत से अधिक स्थानांतरण करने की आवश्यकता होगी तो उसकी अनुमति मुख्यमंत्री से लेना आवश्यक होगा, जबकि समूह ग और घ के लिए 10 प्रतिशत से ऊपर स्थानांतरण के लिए मंत्री जी की अनुमति आवश्यक होगी।
सुरेश खन्ना ने बताया कि समूह ग और घ में स्थानांतरण को पूरी तरह मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से पूर्ण किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्थानांतरण के बाद कार्यभार मुक्ति और ग्रहण करने की व्यवस्था ऑनलाइन ही की जा सकेगी। इससे अधिकारियों की सर्विस बुक और सैलरी को डिजिटाइज किया जा सकेगा।
रिक्त पदों की प्राथमिकता: प्रदेश के 8 आकांक्षी जिलों और 34 जिलों के 100 आकांक्षी विकास खंडों के रिक्त पदों को भरने की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
कैबिनेट ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। इसके अनुसार अब 30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों को एक जुलाई और एक जनवरी से प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकेगा।
वेतन वृद्धि का लाभ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है, जिससे कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी में मिल सकेगा।
योगी सरकार ने प्रदेश के 5 विश्वविद्यालयों के नामों में मामूली संशोधन किया गया है। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार इन विश्वविद्यालयों के नाम से राज्य शब्द को हटाया गया है।
संशोधित नाम: महाराज सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ का नाम अब महाराज सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ होगा। इसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों के नाम से भी राज्य शब्द को हटाया गया है।
निजी विश्वविद्यालय: एचआरआईटी गाजियाबाद और फ्यूचर विश्वविद्यालय बरेली को लेटर ऑफ इंटेंट देने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रदेश के छात्र अपने ही प्रदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें।
Published on:
12 Jun 2024 07:42 am
बड़ी खबरें
View Allयूपी न्यूज
ट्रेंडिंग
