
शारदीय नवरात्रि की आज यानी अक्टूबर को मनाई जा रही है । हिंदू धर्म में नवरात्रि की अष्टमी तिथि का बड़ा महत्व है इसलिए इसे महाअष्टमी भी कहते हैं। इसके अलावा इसे दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। महाअष्टमी के दिन लोग व्रत रखते हैं और घर-घर में हवन पूजा होता है। महाअष्टमी के दिन लोग घर पर कन्या खिलाते हैं। आज नवरात्रि के आठवे दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की आराधना की जाती है।
कैसे करनी चाहिए मां गौरी की पूजा ?
महाअष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी स्नान करके माता रानी का पाठ करें। यदि व्रत नहीं भी रखा है तो भी जल्दी स्नान करके पूजा करें। पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। मां के सामने दीपक जलाएं और उनका ध्यान करें। पूजा में देवी को श्वेत या पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद इनके मंत्रों का जाप करें। अष्टमी के दिन हवन-पूजन जरूर करें, वरना नवरात्रि के दौरान किए गए पूजा-पाठ का फल अधूरा ही मिलेगा। हवन के दौरान ध्यान रखें कि हवन सामग्री कुंड के बाहर ना गिरे।
महाअष्टमी के दिन कन्या खिलायें
जिन लोगों ने घर में 9 दिन व्रत के किए हैं, वे आज कन्या पूजन जरूर करें। महाअष्टमी के दिन कन्या खिलाना शुभ माना जाता है। इन दिन कन्या खिलाने पर मनचाहा वर मिलता है। नवरात्रि में अक्सर लोग अष्टमी और नवमी के दिन कन्या खिलाते हैं। नवरात्रि केवल पूजा और उपवास का दिन नहीं होता है। यह नारी शक्ति के और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व है । इसलिए इस दिन कुंवारी कन्या को भोजन खिलाया जाता है।
पूजा के बाद दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती का पूरे भक्ति भाव से पाठ करें। इस दौरान किसी से बात न करें। सुख-समृद्धि पाने के लिए अष्टमी के दिन तुलसी कोट के पास 9 दिए जलाकर उसकी परिक्रमा करें।
Updated on:
03 Oct 2022 11:49 am
Published on:
03 Oct 2022 11:48 am
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