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इलाहाबाद का नाम बदलकर हुआ प्रयागराज, लोग बोले, 444 साल बाद मिला असली नाम

योगी सरकार के कैबिनेट ने इलाहाबाद के नाम प्रयागराज करने का प्रस्ताव किया पास।

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इलाहाबाद

वाराणसी. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुगलसराय के बाद अब इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया है। इस प्रस्ताव को योगी सरकार के कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा था कि इस बार कुंभ के पहले ही इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया जाएगा। ऐसा कहा जाता है कि इलाहाबाद नामकरण के पहले इसका नाम प्रयागराज था, जिसे अकबर ने बदल दिया था। इलाहाबाद का नमा बदले जाने को लेकर संतों और इसकी मांग करने वालों में बेहद खुशी है। लोगों का कहना है कि 444 साल बाद इलाहाबाद को फिर से उसके असली और ऐेतिहासिक नाम से पुकारा जाएगा।

मुगलसराय के हर्ष ने कहा कि भारत के इतिहास के साथ पहले खिलवाड़ हुआ और उसके बाद जो जैसा है वैसा की तर्ज पर वही चलता रहा। इलाहाबाद का नाम तो पहले ही बदल जाना चाहिये था। हम सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपना किया हुआ वादा पूरा किया है। आजमगढ़ के रोहित का कहना है कि अगर किसी शहर के ऐतिहासिक नाम के साथ छेड़छाड़ की गयी थी तो अब उसे अपने पुराने स्वरूप और नाम में लाना चाहिये, इसे किसी तरह से गलत नहीं कहा ज सकता। छात्रा पूजा कुमारी कहती हैं कि नाम बदलने से दिक्कत होगी, प्रयाग नाम से इलाहाबाद में एक जगह पहले से थी, रेलवे स्टेशन भी था। बनारस के अकबर ने कहा कि सरकार केवल नाम बदलने में व्यस्त है। नाम बदलने से विकास नहीं होता। यह केवल असल मुद्दों से भटकाने का तरीका है।


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