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खुल गए अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट, धनतेरस से अन्नकूट तक होंगे दर्शन, पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त

Annapurna Mandir open for Devotees For Four Days - धनतेरस (Dhanteras) के पर्व पर चार दिवसीय स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा (Annapurna Mandir) के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खुल गए। भोर में साढ़े तीन बजे मंदिर के महंत शंकर पूरी ने माता की मूर्ति को पंचामृत स्नान कराया। माता की विशेष झांकी सजाई। सुबह पांच बजे दर्शन के लिए भक्तों का आगमन शुरू हो गया।
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वाराणसी

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Karishma Lalwani

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Updated: 2 Nov 2021, 3:27 PM IST

Annapurna Mandir open for Devotees For Four Days

Annapurna Mandir open for Devotees For Four Days

वाराणसी. Annapurna Mandir open for Devotees For Four Days. धनतेरस (Dhanteras) के पर्व पर चार दिवसीय स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा (Annapurna Mandir) के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खुल गए। भोर में साढ़े तीन बजे मंदिर के महंत शंकर पूरी ने माता की मूर्ति को पंचामृत स्नान कराया। माता की विशेष झांकी सजाई। सुबह पांच बजे दर्शन के लिए भक्तों का आगमन शुरू हो गया। साल भर में सिर्फ चार दिन मां अन्नपूर्णा के दर्शन भक्तों को होते हैं। सोमवार दोपहर से कतारबद्ध भक्तों के लिए जब कपाट खुले तो भक्त निहाल हो गए। पहले दिन धान का लावा, बताशा के साथ मां के खजाने का सिक्का प्रसाद के रूप में भक्तों को वितरित किए जाने की पुरानी परंपरा है। इसमें काशी ही नहीं, देश-विदेश से आस्थावानों का रेला उमड़ता है। अन्य दिनों में मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा की पूजा होती है।

सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम

कोविड को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में दो दर्जन सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। वॉलेंटियर के साथ ही मेडिकल टीम की व्यवस्था भी की गई है। वृद्ध और दिव्यांगों के लिए भी दर्शन की सुगम व्यवस्था है। गर्भगृह के गेट पर माता का खजाना और लावा वितरण की व्यवस्था है। भीड़ को देखते हुए भक्तों के लिए पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते हुए कालिका गली से निकास जाने का भी रास्ता है। मंदिर के प्रथम तल पर स्थित स्वर्ण अन्नपूर्णेश्वरी के दर्शन रात 11 बजे तक होंगे।

551 कुंतल का छप्पन भोग

देवाधिदेव महादेव के आंगन में विराजमान भगवती अन्नपूर्णेश्वरी को इस बार 551 कुंतल का छप्पन भोग लगाया जाएगा। विभिन्न प्रकार के मिष्ठान बनाने के लिए 75 कारीगर दिन रात काम कर रहे हैं। पकवान-मिष्ठान में लड्डू, मगदल, बालूशाही, खुरमा, चंद्रकला, काजू बर्फी, काजू बिस्किट, बादाम बर्फी, अंजीर- बादाम व मूंग का हलुआ, काजू समेत पंचमेवा नमकीन भक्तों में दिया जाना है। राजस्थान के अलवर से मोट मंगाया गया है। इसके अलावा पांच प्रकार की दाल, सवा क्विंटल चावल, 16 प्रकार के पकौड़े भी बांटे जाएंगे।

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