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धनतेरस : काशी में आज मां अन्नपूर्णा का करेगा जो दर्शन हो जाएगा मालामाल, बंटेगा खजाना

- धनतेरस का त्योहार आज, मां अन्नपूर्णा का खुलेगा कपाट बांटा जाएगा खजाना - मां साल में सिर्फ चार दिन ही देतीं हैं दर्शन - अन्नकूट के दिन मां अन्नपूर्णा को 56 किस्म का लगाया जाएगा भोग
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वाराणसी

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 1 Nov 2021, 8:50 PM IST

धनतेरस : काशी में आज मां अन्नपूर्णा का करेगा जो दर्शन हो जाएगा मालामाल, बंटेगा खजाना

धनतेरस : काशी में आज मां अन्नपूर्णा का करेगा जो दर्शन हो जाएगा मालामाल, बंटेगा खजाना

वाराणसी. Annapurna temple opens on Dhanteras आज धनतेरस का त्योहार है। दूर—दूर से आए भक्त मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए व्याकुल आंखों से इंतजार कर रहे हैं। आज काशी में अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा के दरबार का कपाट खुलेगा। और आज ही के दिन मां अन्नपूर्णा का खजाना (khazana) बांटा जाएगा। खजाने में चांदी के सिक्के सहित धान, लावा का प्रसाद मिलेगा। कहा जाता है कि इस प्रसाद को अपनी तिजोरी में रखने पर आर्थिक रुप से सम्पन्नता बढ़ती है। और व्यक्ति मालामाल हो जाता है। मां साल में सिर्फ चार दिन ही दर्शन देतीं हैं। अन्नकूट (Annakoot festival) के दिन मां अन्नपूर्णा को 56 किस्म का भोग लगाया जाएगा।

सिर्फ एक ही दिन बंटेगा मां का खजाना :- पूरी दुनिया में सिर्फ काशी में ही अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन मिलते हैं। इस वर्ष धनतेरस (Dhanteras ) पर मां अन्नपूर्णा का दरबार खुलेगा। और चार दिन अन्नकूट तक, भक्त मां की स्वर्णमीय प्रतिमा के दर्शन-पूजन कर सकेंगे। सिर्फ एक ही दिन मां का खजाना बंटेगा।

लाखों भक्त घंटों कतार में :- महंत शंकर पुरी महाराज बताते है कि, मां के खजाने के लिए लाखों भक्त घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। खजाने में सिक्के मिलते हैं और लावे के रूप में लाई या खील होती हैं। प्रसाद में मिलने वाले यह सिक्के आमतौर पर अब चलन में नहीं हैं।

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महादेव ने मां अन्नपूर्णा से मांगी थी भिक्षा :- काशी विद्त परिषद के महामंत्री प्रोफेसर राम नारायण दिवेदी बताते हैं कि, इस खजाने का पुराणों में बहुत महत्व है। मान्यता है कि अगर कोई भक्त इन सिक्कों को अपनी तिजोरी या गुल्लक में रखता है तो वह मालामाल हो जाता है। और लावे को रसोई में रखने पर कभी अन्न की कमी नहीं होती है। धार्मिक मान्यता है कि काशी का पेट भरने के लिए महादेव ने मां अन्नपूर्णा से ही भिक्षा मांगी थी।

कपाट खुलता है :- मां अन्नपूर्णा मंदिर के आचार्य पंडित रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि, करीब ढाई सौ साल से यह परंपरा चल रही है। धनतेरस के दिन मां अन्नपूर्णा, माता लक्ष्मी और मां भूमि देवी के विग्रह के लिए कपाट खुलता है।

कोविड गाइडलाइन (Covid-19 protocol) को होगा पालन :- महंत पुरी ने बताया कि मां के दर्शन में कोविड गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जाएगा।

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