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स्कूल परिसर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्मः सनबीम लहरतारा के मैनेजर को मिली जमानत

वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के सबसे बड़े स्कूल समूह सनबीम की लहरतारा शाखा परिसर में पिछले दिनों नाबालिग छात्रा संग हुए दुष्कर्म प्रकरण में गिरफ्तार स्कूल प्रबंधक को कोर्ट से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी मैनेजर दिलीप सिंह को एक-एक लाख की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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सनबीम लहरतारा के मैनेजर को मिली जमानत

सनबीम लहरतारा के मैनेजर को मिली जमानत

वाराणसी. पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े स्कूल समूह सनबीम की वाराणसी की लहरतार शाखा में एक नाबालिग छात्रा संग स्कूल के शौचालय में दुष्कर्म मामले में आरोपी बनाए गए स्कूल प्रबंधक दिलीप सिंह को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत ने एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।

बता दें कि सनबीम स्कूल लहरतारा की कक्षा 3 की मासूम से हुए दुष्कर्म के मामलें में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 14 घंटे तक सनबीम स्कूल के चेयरमैन दीपक मधोक, सहित मैनेजमेंट से पूछताछ के बाद गत एक दिसंबर को प्रबंधक दिलीप सिंह को जेल भेज दिया गया था।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए अपने आदेश में कहा अभियुक्त पर घटना के दुष्प्रेरण का आरोप लगाया गया है। पहला आरोप यह है कि यदि हर फ्लोर पर बाथरूम होता तो शायद घटना घटित नहीं होती और इसके लिए अभियुक्त को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसका खंडन अभियुक्त की ओर से किया गया और कहा गया कि वह स्कूल का एक कर्मचारी है और स्टेट मैनेजर के रूप में काम करता है। हर फ्लोर पर बाथरूम न होने के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। बाथरूम न होने का कारण स्कूल के प्रबंधक ने अपने बयान में यह बताया कि नये बाईलॉज के अनुसार अभी बाथरूम का निर्माण नहीं हुआ है। पुराने बने स्कूल में परिवर्तन करना कठिन कार्य है लेकिन इसके लिए घटना के बाद कार्य शुरू किया गया है। न्यायालय की राय में, गाईडलाईन के अनुसार हर फ्लोर पर बाथरूम होना चाहिए। बाथरूम न होने के लिए स्कूल का प्रबंधन जिम्मेदार हो सकता है, लेकिन इसके लिए किसी कर्मचारी को अपराध के दुष्प्रेरण के लिए दायित्वाधीन मानना उचित नहीं होगा। अदालत में चली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह व अनुज यादव ने पक्ष रखा।

बता दें कि सिगरा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी की 26 नवंबर की सुबह सात बजे के करीब उसकी नौ वर्षीय बेटी लहरतारा स्थित सनबीम स्कूल में पढ़ने के लिए गई थी। वह जब दोपहर में वापस घर लौटी तो उसने अपनी मां से रो-रोकर बताया कि बाथरूम साफ करने वाले स्वीपर ने गलत काम किया। घटना को किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद जब मामलें ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने आरोपी स्वीपर अजय कुमार उर्फ सिंकू निवासी पसियाना गली, वरुणा को चंद घंटों में ही गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में विवेचना के दौरान स्कूल के मैनेजर दिलीप सिंह का नाम प्रकाश में आया। इन पर आरोप था कि दिलीप सिंह ने ही सिंकू को नौकरी पर रखा था और उसके द्वारा दुष्कर्म करने के लिए मैनेजर ने ही दुष्प्रेरित किया था।