
आंदोलनरत नर्सिंग स्टॉफ
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. BHU के नर्सिंग स्टॉफ का आंदोलन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है। आपात चिकित्सा विभाग के सामने उनका धरना प्रदर्शन जारी है। इस बीच IMS के निदेशक ने उनसे कोरोना लहर का हवाला देते हुए काम पर लौटने की अपील भी लेकिन उन्होंने उस अपील को भी नजरंदाज कर दिया है। वो सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो केके गुप्ता को हटाने की मांग पर अड़े हैं।
शनिवार से काम से विरत है नर्सिंग स्टॉफ
बता दें कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के आपात चिकित्सा विभाग के नर्सिंग आफिसर ने चिकित्सा अधीक्षक पर शनिवार की सुबह थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। उसके बाद से ही नर्सिंग स्टॉफ आंदोलन करने लगा। काम काज छोड़ कर वो आपात चिकित्सा विभाग के सामने धरने पर बैठ गए। वो लगातार चिकित्सा अधीक्षक को हटाने की मांग कर रहे हैं।
कोरोना काल में मानवीयता की अपील
इस बीच चिकित्सा विज्ञान संस्थान के डायरेक्टर प्रो वीआर मित्तल ने आंदोलित नर्सिंग स्टॉफ से काम पर लौटने की अपील की। प्रो. मित्तल ने कहा है कि कोविड19 महामारी के दौर में नर्सिंग ऑफिसर्स को मानवता की सेवा की और अपने समर्पण भाव को प्रदर्शित करना चाहिए तथा पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर राष्ट्र व समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि नर्सिंग अधिकारियों की समस्या का पूरी तरह निराकरण किया जाएगा। प्रो. मित्तल ने कहा कि अस्पताल व विश्वविद्यालय प्रशासन पीड़ितों की सेवा के लिए सदैव नर्सिंग अधिकारियों के साथ खड़ा है इसलिए वे विरोध छोड़ कर काम पर लौट आएं।
आंदोलनकारी चिकित्सा अधीक्षक के इस्तीफे और सामूहिक माफी की मांग पर अड़े
वहीं धरनारत नर्सिंग स्टाफ ने आईएमएस निदेशक की अपील के बाद कहा है कि ऐसे एमएस के साथ काम करना अपना उत्पीड़न करवाने के समान है। हमें एमएस का इस्तीफा चाहिए या कुलपति उन्हें पद से हटाएं। नर्सिंग ऑफिसर ने कहा कि एमएस केके गुप्ता आकर सामूहिक माफी मांगे। इस बीच आंदोलनकारी नर्सिंग ऑफिसरों को इंडियन नर्सिंग यूनियन का भी समर्थन साथ मिल गया है।
Published on:
10 Jan 2022 01:24 pm
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