12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CM योगी आदित्यनाथ की बड़ी कार्रवाई: जौनपुर जिला अस्पताल के दो डॉक्टर निलंबित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जौनपुर जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई जौनपुर जिला अस्पताल के सीएमएस व कलेक्टर की संस्तुति पर की गई है। दोनों ही चिकित्सक बिना किसी सूचना के लगातार गैरहाजिर थे।

less than 1 minute read
Google source verification
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी/जौनपुर. शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई जिला कलेक्टर की संस्तुति पर की गई बताई जा रही है। दरअसल ये दोनों ही चिकित्सक काफी दिनों से बिना सूचना गैरहाजिर चलल रहे थे। पिछले सप्ताह कलेक्टर ने किया था अस्पताल का मुआयना

जिला कलेक्टर ने पिछले सप्ताह किया था अस्पताल का मुआयना

जिला कलेक्टर मनीष कुमार वर्मा ने पिछले सप्ताह जिला अस्पताल का मुआयना किया था। उस दौरान अस्पताल के कई चिकित्सक गैरहाजिर मिले थे। चिकित्सकों की गैरहाजिरी के बाबत कलेक्टर ने पूछताछ की तो पता चला कि कुछ चिकित्सक वीआईपी ड्यूटी में वाराणसी गए हैं। इस पर कलेक्टर ने वीआईपी ड्यूटी में लगे चिकित्सकों की लिस्ट तलब की और उसी के आघार पर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी।

ये भी पढें- वाराणसी में कोरोना संक्रमणः 10 दिन में बढ़े चार गुना केस, एक कैंसर पीड़ित भी मिला संक्रमित

इमरजेंसी के डॉक्टर 2021 से ही बिना सूचना गैरहाजिर चल रहे
बताया गया कि जिला अस्पताल में तैनात इमरजेंसी चिकित्सक डॉ डीपी सिंह तो 2021 से ही गैरहाजिर चल रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने विभाग को कोई सूचना तक नहीं दी है। इसके अलावा पैथॉलजी में तैनात डॉ कौशल सिंह भी बिना किसी सूचना के गैरहाजिर भी लंबे अरसे से गैरहाजिर हैं।

ये भी पढें- वाराणसी पुलिस की बड़ी कामयाबीः1.87 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत 4 ठग मुंबई से गिरफ्तार

सीएमएस ने भी भेजी थी रिपोर्ट

अस्पताल के सीएमएस डॉ अनिल शर्मा ने भी इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी थी। माना जा रहा है सीएमएस व कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर दोनों चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया है।

ये भी पढें- BHU में नियुक्ति से लेकर प्रमोशन तक में फर्जीवाड़ाः अब सेवानिवृत्त डिप्टी लाइब्रेरियन से होगी 9 लाख की वसूली