8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

छावनी बोर्ड पार्षदों ने कहा लोकशाही के लिए अब होगा सत्याग्रह

पार्षदों के समर्थन में आए अधिवक्ता, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ धरना स्थल पर पहुंचे वकील।

2 min read
Google source verification
छावनी परिषद के पार्षद धरने पर

छावनी परिषद के पार्षद धरने पर

वाराणसी. छावनी बोर्ड सैन्य प्रशासन की बोर्ड में लोकतंत्र व विरोधी भूमिका के विरुद्ध निर्वाचित पार्षदों का धरना सत्याग्रह शुक्रवार को लगातार नौंवे दिन भी जारी रहा। नौवें दिन जहां वाराणसी सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ धरना स्थल पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने आन्दोलन को अधिवक्ता समाज की ओर से समर्थन का ऐलान किया। वहीं पार्षदों ने कहा कि यदि उनकी लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत कार्य के साथ जनहित से जुड़ी मांगों की उपेक्षा का छावनी बोर्ड अध्यक्ष एवं छावनी प्रशासन का हठवादी अलोकतांत्रिक रवैया जारी रहा तो पार्षदगण शीघ्र ही इस प्रतीकात्मक धरना सत्याग्रह को आमरण अनशन का रूप देने के लिए बाध्य होंगे।

अधिवक्ता ही नहीं धरने के 9वें दिन विभिन्न दलों से जुड़े जनप्रतिनिधि, छ: पार्षद, एक साथ छावनी के मुख्य अधिशासी अधिकारी के नियमविरोधी जनविरोधी एवं छावनी की जनता को त्रस्त कर चुके काम के विरुद्ध धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि जनता की इच्छा के समादर की जिम्मेदारी के कारण हम अब आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। क्षेत्रीय विधायक और सांसद व देश के प्रधानमंत्री को सब बातों से अवगत करा दिया गया है। घरेलू टैक्स दरों में 100 प्रतिशत की वृद्धि सदन के बहुमत का अनादर कर की गई है, जब तक नियम व लोकतंत्र की मर्यादा को ताक पर विरोधी कार्यो की सजा नही दी गई तो सदस्यों का जो धरना अभी सांकेतिक है वह गांधीवादी सत्याग्रह में तब्दील हो जाएगा। फिर उसके अनुरूप ध्यानाकर्षण, विरोध पत्र और बायकाट आदि के बावजूद प्रशासन हठ पर कायम है, जिससे आगे हम आमरण अनशन के फैसले के लिए बाध्य होंगे।

सेन्ट्रल बार के सम्मानित अध्यक्ष व महाम॓त्री प्रभुनाथ पांडेय व संजय सिंह दाढ़ी के साथ आए अधिवक्ताओं के दल ने दोपहर 12•30 बजे छावनी के सत्याग्रह में शामिल होकर समर्थन दिया और कहाकि छावनी की जनता को न्याय दिलाने में हम अधिवक्ताओ का पूरा सहयोग रहेगा। उनके साथ थे लक्षमेश्वर शर्मा, विकास श्रीवास्तव, धर्मेंद्र यादव, अरविंद यादव, राजेश यादव, शोएब, अशोक सिंह, काशीनाथ नाथ गिरी, आलोक सिंह, पंकज, पवन सिंह, अमरीश सिंह, सुनील तथा छावनी क्षेत्र के विशिष्ट नागरिक राजेश गुप्ता, नीलू शर्मा, प्रदीप गुप्ता, ज्योति गुप्ता, मधु गुप्ता, अतीक अहमद, मनीष सिंह, प्रमोद गुप्ता, सुरेश गुप्ता, संतोष गुप्ता एवं विनोद गुप्ता। सत्याग्रह कर रहे पार्षदों में चंद्रकेशव उपाध्यक्ष, शैलेन्द्र सिंह, राजकुमार दास और संगीता यादव, मसूदा हुसैन एवं शैलजा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।