
शालिनी यादव
डॉ. अजय कृष्ण चतुर्वेदी
वाराणसी. कांग्रेस से वाराणसी का मेयर प्रत्याशी घोषित होने के बाद शालिनी यादव रविवार को पहुंचीं पत्रिका के दफ्तर। एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने जहां बीजेपी पर सीधे तौर पर निशाना साधा वहीं अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं। बातचीत में उन्होंने बीजेपी पर तीखे हमले किए। खास तौर पर निर्वतमान मेयर राम गोपाल मोहले के कार्यकाल को उन्होंने निशाने पर लिया। पूछा इन पांच सालों में मोहले ने शहर के लिए किया क्या? क्या कहीं से लगता है कि यह प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। विकास के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकारों से धन आया पर वह गया कहां? मेयर रहे राम गोपाल मोहले को तो अपने कार्यकाल पर स्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा बनारस के लोगों को नहीं चाहिए क्योटो। बनारसवासियों की बेसिक नीड्स पूरी करने की जरूरत है। पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दों पर पिछले 22 सालों से कोई काम नहीं किया गया। मेरी प्राथमिकताएं इन जरूरतों को पूरा करना होगा।
शालिनी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है लेकिन यहां न चलने के लिए गत की सड़कें हैं, न पार्किंग की समुचित व्यवस्था। पीएम ने स्वच्छता अभियान चलाया मगर शायद सर्वाधिक गंदा शहर यही होगा। काशी जिसका दुनिया भर में नाम है, लाखों पर्यटक यहां आते हैं, लेकिन क्या एक पर्यटन क्षेत्र के रूप में इसे विकसित किया जा सका इन 22 सालों में। उन्होंने कहा कि इस शहर का फैलाव थम गया है, अब शहर ऊपर की ओर बढ़ रहा है। लेकिन हाल यह है कि विकास प्राधिकरण बहुमंजिली इमारतों के नक्शे तो स्वीकृत कर देता है पर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होती। नतीजा कामर्शियल कांप्लेक्स में आने वालों के वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। इस तरफ क्या कभी बीजेपी के लोगों ने ध्यान दिया। मेरी प्राथमिकता में यह सवाल प्रमुखता से होगा।
उन्होंने कहा, नगर निगम के तमाम स्कूल हैं, अस्पतला हैं, क्या बीजेपी ने अपने स्कूलों और अस्पतालों पर इन 22 सालों में ध्यान दिया। हर आदमी के लिए स्वास्थ्य व शिक्षा से ज्यादा और क्या जरूरी है। लेकिन यह दोनों ही मसले पिछले 22 सालों से अनछुए हैं। नगर निगम के स्कूलों का बुरा हाल है। स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण हो गए हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वही हाल नगर निगम के अस्पतालों का है। ऐसे में मेरी प्राथमिकता स्वास्थ्य व शिक्षा भी होगी।
कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि इस ऐतिहासिक, पौराणिक महत्व वाले शहर की सड़को का बुरा हाल है। ज्यादातर इलाकों में तो गांवों से भी बुरी हालत है। धूल उड़ती रहती है जिससे तमाम बीमारियां फैल रही हैं। उन्हें दुरुस्त करने की जरूरत इस बीजेपी ने कभी नहीं समझी। हाल के दिनों में जो ओवरब्रिज या फ्लाईओवर बने उनकी भी दशा दयनीय है। आखिर इन सब चीजों पर बीजेपी साशित नगर निगम ने किया क्या।
पार्टी के अंदर प्रत्याशी चयन को लेकर उठे विवाद के मुद्दे पर उनका कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। दरअस मीडिया में ये सारी चीजें बढ़ा-चढा़ कर पेश की जा रही हैं। थोड़ा बहुत मतभेद कहां नहीं होता। कांग्रेस से ज्यादा तो उस विपक्षी दल में मतभेद है टिकट घोषित होने के बाद, लेकिन वो चीजें सामने नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ताओं ने इस नगर निगम के चुनाव को बेहद गंभीरता से लिया। इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं। नतीजा भी बदलेगा।
कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि इस नगर निगम चुनाव में केवल स्थानीय मुद्दे ही सामने नहीं होंगे। बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों से जनता ऊब चुकी है। चाहे वह नोटबंदी हो या जीएसटी दोनों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। छोटा तबका तबाह हो गया है। महंगाई चरम पर है। जनता पर करों का बोझ तो लाद दिया गया है पर उस परिप्रेक्ष्य में जनता को कहीं से कोई सहूलियत नहीं दिख रही है। ऐसे में लोगों का मनमिजाज बदल रहा है जिसका परिणाम इस चुनाव में देखने को मिलेगा।
Published on:
05 Nov 2017 03:34 pm
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