
Daroga santosh Yadav
वाराणसी. जनता में पुलिस की छवि को लेकर हमेशा से आरोप लगते रहते हैं। लेकिन कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी है जिन्होंने समय पर लोगों की जान बचा कर मानवीय मूल्यों की बड़ी मिसाल पेश की है। सारनाथ थाना में तैनात दरोगा संतोष यादव ने सड़क दुर्घटना में घायल बुजुर्ग की जान बचाने के लिए रक्तदान किया। समय पर खून मिलने से बुजुर्ग की जान बच गयी। पुलिसकर्मी के इस कार्य की सभी प्रशंसा कर रहे हैं।
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सिंधौरा निवासी मुन्नीलाल राजभर (65), नंदलाल राजभर (60) बाइक से सिंहपुर गांव निवासी अधिवक्ता से मिलने के लिए घर से निकले थे। दोनों लोग अभी रिंग रोड से सिंहपुर से हरहुआ की तरफ बढ़े थे कि एक बोलेरो ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रुप से घायल हो गये। इसी बीच वहां पर सारनाथ थाना में तैनात दरोगा संतोष यादव गश्त पर निकले थे। उन्होंने घायलों को देखते ही तुरंत दीनदयाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। दुर्घटना के चलते मुन्नीलाल के पैर से बहुत खून बह गया था। चिकित्सकों ने कहा कि अधिक खून बह चुका है इसलिए तुरंत खून की जरूरत है। दरोगा ने तुरंत बुजुर्ग के लिए रक्तदान किया। दरोगा के खून देने से बुजुर्ग की जान बच गयी। इसके बाद दरोगा ने घायलों के परिजनों से सम्पर्क कर घटना की जानकारी दी। पुलिसकर्मी के इस नेक कार्य की सभी तरफ प्रशंसा हो रही है। रक्तदान को लेकर लोगों के मन में इतनी भं्राति बैठी रहती है कि अपनों को जरूरत पडऩे पर खून नहीं देते हैं जबकि दरोगा संतोष यादव ने मानवता की सबसे बड़ी मिसाल पेश करते हुए खून देकर बुजुर्ग की जान बचायी।
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Updated on:
24 Dec 2019 12:11 pm
Published on:
24 Dec 2019 12:11 pm
