
वाराणसी: दाल मंडी में एक बार फिर ईद और रमजान के बाद ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसको लेकर सोमवार को मुनादी कराई गई है और 18 मकानों को नोटिस भी दिया गया है। दरअसल, रमजान का महीना और ईद होने के चलते इस कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया था और अब इसे एक बार फिर से तेजी से शुरू किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर डी गई है। गौरतलब है कि दाल मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी है।
रमजान और ईद के बाद दाल मंडी में एक बार फिर पीडब्ल्यूडी का हथौड़ा और बुलडोजर चलने को तैयार है। इसको लेकर दुकानों और मकान के सामने सोमवार को मुनादी की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि 18 मकानों और दुकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया है। मुनादी की कार्रवाई से दाल मंडी में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। दुकानदारों के सामने एक बार फिर रोजी रोटी को लेकर संकट खड़ा हो गया है।
दरअसल, 15 फरवरी को दाल मंडी में आखरी बार ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद रमजान का महीना होने के कारण जिला प्रशासन ने इसे रोक दिया था। अब रमजान और ईद की समाप्ति के बाद बताया जा रहा है कि 27 मार्च से फिर से ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। लगातार मुनादी करवा कर लोगों को उनके मकानों को खाली करने को कहा जा रहा है।
जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों को मानें तो अब तक 46 भवन स्वामियों ने अपने मकान और दुकान की रजिस्ट्री जिला प्रशासन का नाम कर दी है। बता दें कि इस ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जद में 187 मकान आ रहे हैं, जिनमें 6 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। नई सड़क से चौक तक करीब 600 मीटर का यह रास्ता विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौड़ा किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इस रास्ते को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है, जिससे श्रद्धालु सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगे। इसमें सड़क की दोनों तरफ पाथवे और ग्रीन कॉरिडोर का भी निर्माण कराया जाएगा और यह हेरिटेज सड़क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस हेरिटेज सड़क के निर्माण के लिए करीब 210 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
Published on:
23 Mar 2026 02:26 pm
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