
देव दीपावली पर भैरव तालाब
वाराणसी. कार्तिक पूर्णिमा पर काशी के गंगा तट से लेकर सरोवर तक असंख्य दीपों एक साथ जगमगा उठे। इस मौके पर जहां काशी के अर्द्धचंद्राकार गंगा घाटों पर मुख्य आयोजन हुए सभी 84 घाटों पर दीपों को करीने से सजाया गया तो वहीं शहर के विभिन्न सरोवर भी दीपमालिकाओं की रोशनी में प्रकाशमान हो उठे। ऐसे में भला ग्रामीण क्षेत्र के सरोवर भला कैसे इससे वंचित रहते। ग्रामीण युवकों ने मिल कर उन्हें भी दीप मालिकाओं से ऐसा सजाया जिसे देख कर लगता था मानों तारे जमीं पर उतर आए हों। उधर देवों की दीपावली का अद्भुत नजारा आंखों व कैमरों में हमेशा के लिए सहेजने के लिए पहुंचे विदेशी सैलानियों ने भी इस मनोरम दृश्य का भरपूर लुत्फ उठाया। उनका पारंपरिक अंदाज में स्वागत सत्कार कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने किया।
21000 दीपों से जगमगाया भैरव तालाब
आराजी लाईन क्षेत्र के हरपुर ग्राम सभा स्थित भैरव तालाब शनिवार को देव दीपावली पर 2100 दीपों से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं में दीये जलाने का उल्लास ऐसा कि मानों अंधेरा मिटाने की होड़ लग गई हो। एक के बाद एक हाथ से दीये जगमग करने की श्रृंखला ऐसी बनीं कि चंद मिनट में विशाल सरोवर व उसके आसपास की धरा दियों की लौ से जगमगा उठी। ऐसा लगा मानों तारे जमीं पर उतर आए हों। पौराणिक तालाब पर देर शाम दीपदान किया गया। युवा संगठन के संयोजन में आयोजित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने 21000 दीपों को एक साथ प्रज्जवलित कर दीपदान किया। दरअसल भारतीय परंपरा के तहत कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं की दीपावली होती है। इसलिए एक साथ दीप प्रज्जवलित कर दीपदान किए जाने से देवता प्रसन्न रहते है।
कार्यक्रम संचालक सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि तालाब के किनारे पंचक्रोशी मार्ग पर स्थित भैरव मंदिर, शंकर मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और घाटो को दीयों, मोमबत्तियों, रंगोली और फूलों से बेहद ख़ूबसूरती के साथ सजाया गया. इस अदभुत नज़ारे को देखने और देवगणों के स्वागत के लिए हजारों ग्रामीण श्रद्धालु इकट्ठा हुए।. आरती और पूजा-अर्चना के बाद तालाबों को प्रदूषण, अवैध कब्ज़ा मुक्त कराने और स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का संकल्प भी लिया गया।
देव दीपावली के ख़ास आयोजन में आराजी लाईन ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह पटेल बतौर मुख्य अतिथि थे. विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान हरपुर निर्मला देवी, राकेश पटेल ग्राम प्रधान वीरभानपुर ख़ास मेहमान भी मौजूद रहे। गौरतलब हो कि विगत एक सप्ताह से देव दीपावली की तैयारियां क्षेत्र के नवयुवकों द्वारा की जा रही थी। इस दौरान तालाब की सीढियों घाटों को साफा कर क्षेत्र के तालाबों को प्रदूषण अवैध कब्जा मुक्त कराकर जिर्णोद्धार कराने का संकल्प लिया गया था। दीपदान कार्यक्रम का उद्घाटन अंबिका प्रसाद इंटर कॉलेज भैरोनाथ के प्रधानाचार्य सुदामा राम ने किया विनोद कुमार, शिव कुमार, राजकुमार प्रिंस, राजेश कुमार, रामू राय, आजाद राय, बसंत राय, सोनू, सत्यनारायण, संजय राय, पिंटु राय, दिलीप राजभर, संत कुमार, मुकेश कुमार, विकास राय, देवेंद्र कुमार, विशाल, महेंद्र, समीर, गौतम दादा, आशिक राय राजू कुमार, दिलीप महाराज, पंकज राजभर सहित काफी संख्या में श्रद्धालुओं शामिल रहे।
राजघाट पर विदेशी पर्यटकों का कमिश्नर ने किया पारम्परिक स्वागत
उधर काशी में गंगा के अर्द्धचन्द्राकार घाटों पर कार्तिक मास की पूर्णिमा के मौके पर मनाई जाने वाली देव दीपावली के अवसर पर जगमगातें लाखों-लाख दीप गंगा की घारा में इठलाते-बहते दीप अलौकिक दृश्य की सृष्टि करते है। इस अदभुत नजारे को आंखों में समा लेने के लिए लाखो देशी-विदेशी पर्यटक घाटों पर उमड़े। मान्यता है कि देव दीपावली के दिन देवलोक धरती पर उतर आता है और समस्त देवता मिलकर भगवान शंकर की महाआरती करते है। इस अप्रतीम, अदभुत व अविस्मरणीय देव दीपावली ऐसी कि जिसका अवलोकन करने के लिए विदेशी सैलानी भी बंधे चले आते है। इस अदभुत सुखद की अनुभूति को जीवन्त बनाने तथा प्रदेश एवं मंडल में पर्यटन को बढावा देने के उद्देश्य से कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण द्वारा शनिवार को देव दीपावली के अवसर पर काशी के राजघाट पर विदेशी पर्यटकों-ग्रीस, पोलैण्ड, फ्रान्स एवं अमेरिका आदि विभिन्न देशों के कुल लगभग 36 विदेशी पर्यटकों का रोरी तिलक लगाकर मार्ल्यापण तथा अंगवस्त्रम प्रदान कर पारम्परिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर0के0 भारद्वाज एवं संयुक्त निदेशक पर्यटन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
04 Nov 2017 06:52 pm
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