10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धनंजय सिंह पर हमला मामले में बहस पूरी, 13 अप्रैल को फैसले की घड़ी, बनारस में 24 साल पहले तड़ताड़ाई थी गोलियां

करीब 24 साल पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है। अब इस मामले में 13 अप्रैल को कोर्ट अपना अहम फैसला सुना सकता है...

2 min read
Google source verification
dhananjay singh

PC: 'X'

वाराणसी: टकसाल सिनेमा के सामने करीब 24 साल पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है। एमपी एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में कोर्ट ने 13 अप्रैल अग्रिम तिथि मुकर्रर की है। बताया जा रहा है कि कोर्ट इस मामले में 13 अप्रैल को अहम फैसला सुन सकता है।

बहस के दौरान कोर्ट में थे धनंजय सिंह

विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेन्द्र विक्रम की कोर्ट में आज जीरह के दौरान पूर्व सांसद धनंजय सिंह खुद मौजूद थे। वहीं बचाव पक्ष ने अंतिम बहस में अपनी दलीलों को मजबूती से पेश किया। वहीं, वादी पक्ष और अभियोजन ने तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट के सामने अपनी दलील दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है।

क्या था मामला

दरअसल, सन 2002 में धनंजय सिंह पर जान लेना हमला हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी गाड़ी को रोककर उनके गनर और ड्राइवर पर ताबड़तोड़ कई राउंड गोलियां चलाई गई थी। यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा और इसने राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया था। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया था कि इस मामले में तत्कालीन विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह शामिल थे। इसके अलावा करीब 7 लोगों को इस मामले में नामजद किया गया था।

दरअसल, पूर्व सांसद धनंजय सिंह और अभय सिंह के बीच छात्र जीवन से ही आपसी रंजिश और मनमुटाव है। धनंजय सिंह ने कोर्ट में दलील दी है कि इस दौरान अभय सिंह उन्हें कई बार जान से मारने की कोशिश कर चुके हैं। टकसाल सिनेमा के पास भी उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इस हमले में उनका ड्राइवर और गनर दोनों घायल हो गए थे।

24 वर्षों से चल रहा है मुकदमा

धनंजय सिंह के आरोप के बाद कैंट थाने में इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और तब से यह मामला लंबित है। हालांकि, करीब 24 साल तक चले इस मुकदमे की सुनवाई अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। इसको लेकर अब फैसले पर जल्द ही मुहर लगने वाली है। कोर्ट का निर्णय लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का अंतिम अध्याय साबित होने वाला है।

धनंजय सिंह जिस दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद थे उस दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, लंबित इस मुकदमे की सुनवाई पर कचहरी परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं की भी नज़रें टिकी हुई थीं। हालांकि, अब इस मामले में उम्मीद है कि 13 अप्रैल को कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है।