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गंगा दशहराः साधु-संतों ने किया मां गंगा का षोडशोपचार पूजन, आदि विशेश्वर की मुक्ति की कामना

गंगा दशहरा पर काशी में आम श्रद्धालुओं ने जहां मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया तो साधु-संतों ने भी मां गंगा के अवतरण दिवस पर गंगा स्नान के बाद मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया। साथ ही आदि विश्वेश्वर की मुक्ति की कामना की। इस मौके पर दंडी स्वामी भी मौजूद रहे।

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गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा करते दंडी स्वामी

गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा करते दंडी स्वामी

वाराणसी. गंगा दशहराः मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को मां गंगा का अवतरण दिवस माना जाता है। इस दिन विशेष पर मां गंगा स्नान और मां गंगा के पूजन का विधान है। कहा गया है कि इस दिन पर पूजन व दान-पुण्य से आम दिनों की तुलना में कई गुना पुण्य लाभ अर्जित होता है। ऐसे में गंगा दशहरा पर गुरुवार को काशी के साधु-संतों ने भी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई और गंगा तट पर पूजा-पाठ किया। साधु संतों ने पूजन-अर्चन के साथ आदि विश्वेश्वर की मुक्ति की कामना भी की। मां गंगा के पूजन अर्चन में महंत बालकदास, स्वामी जितेंद्रानंद व दंडी स्वामी भी मौजूद रहे। गंगा महासभा एवं अखिल भारतीय सन्त समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में अस्सी घाट पर मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया गया।

जाने-अनजाने में हुए पाप से मिलती है मुक्ति

इस मौके पर स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मां गंगा आज के दिन सबको 10 तरह के पापों से मुक्ति देती हैं। धर्मशास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगाजल के सेवन अथवा गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में हुए पापों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। कहा कि, मां गंगा ही आदि विशेश्वर को मुक्त कराएंगी। इस मौके पर स्वामी जितेंद्रानंद ने श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों से मां गंगा को स्वच्छ बनाए रखने का निवेदन भी किया।

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ये रहे मौजूद

इस मौके पर अवसर पातालपुरी के महंत बालक दास, दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम, कर्णघंडा के महंत ईश्वर दास, महंत अवधेश दास सहित दर्जनों दंडी संन्यासी व बैरागी संत तथा समाज विज्ञान संकाय, बीएचयू के प्रमुख प्रो अरविंद जोशी, श्रीकाशी विद्वत्परिषद के संगठन मंत्री पं. गोविंद शर्मा, डॉ सन्तोष ओझा, विपिन सेठ, आशुतोष ओझा समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक

गंगा दशहरा पर गुरुवार को केदार घाट स्थित बाबा गौरी केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया। गौरी केदारेश्वर देव दीपावली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक नंगा सेवा समिति केदार घाट के तत्वाधान में आयोजित जलाभिषेक समारोह का शुभारंभ समाजसेवी पर्यावरण प्रहरी रामयश मिश्र एवं संयोजक महेश तिवारी संयुक्त रुप से बाबा का कमल के फूल के साथ जलाभिषेक करके किया।

गंगा जल संग 108 कमलदल से अभिषेक

जलाभिषेक में शामिल भक्त कलश में 108 कमल का फूल रखकर हर हर महादेव के नारों के साथ बाबा का जलाभिषेक किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक महेश तिवारी ने बताया कि 2 साल से कोरोना के कारण बाबा का जलाभिषेक गंगा दशहरा पर हम लोग नहीं कर पाए । 32 बरसों से लगातार किया जा रहा है इस अवसर पर समाजसेवी रामयश मिश्रा ने कहा कि काशी के केदारखंड में रहना और बाबा का दर्शन पूजन करना बड़े ही पुण्य का काम है ।आज मां गंगा के अवतरण दिवस पर उनके जल से बाबा का जलाभिषेक कर परम सुख की प्राप्ति हुई ।हम लोगों ने बाबा से यही कामना की वह देश और प्रदेश की उन्नति एवं सुख शांति प्रदान करें।

ये रहे मौजूद

जलाभिषेक में महेश तिवारी, दिनेश तिवारी, शशांक तिवारी, आदित्य तिवारी ,शंभू यादव, अजय मिश्रा रमेश तिवारी, बी एच यू आई एम एस के बृजेश यादव, विशाल सिंह, अंशु उपाध्याय ,अनिकेत यादव, युवराज मौर्य सहित 108 भक्त शामिल थे।