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शाहरुख गद्दार तो अडाणी क्या? वाराणसी में संजय सिंह का भाजपा और सरकार पर तीखा हमला

वाराणसी पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शाहरुख खान को देशद्रोही कहे जाने पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेने पर शाहरुख गद्दार हैं, तो भारत की बिजली बांग्लादेश भेजने वाले अडाणी क्या कहलाएंगे?

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शाहरुख खान पर देशद्रोह के आरोपों पर संजय सिंह का पलटवार: बोले-अगर शाहरुख गद्दार हैं तो अडाणी क्या है? (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

शाहरुख खान पर देशद्रोह के आरोपों पर संजय सिंह का पलटवार: बोले-अगर शाहरुख गद्दार हैं तो अडाणी क्या है? (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Sanjay Singh Attacks BJP in Varanasi: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने फिल्म अभिनेता शाहरुख खान और उद्योगपति गौतम अडाणी से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सिंह ने कहा कि देश में “देशद्रोह” की परिभाषा को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बांग्लादेश के एक खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल करने पर शाहरुख खान को गद्दार कहा जा रहा है, तो फिर बांग्लादेश को भारत की बिजली बेचने वाले प्रधानमंत्री के

मित्र अडाणी को क्या कहा जाएगा?

संजय सिंह ने कहा कि कुछ धार्मिक नेताओं और भाजपा से जुड़े विधायकों द्वारा शाहरुख खान पर गद्दारी के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना था कि वे स्वयं उन लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने को तैयार हैं, लेकिन उससे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारत की बिजली किस तरह बांग्लादेश को दी जा रही है, जहां हिंदुओं पर अत्याचार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब प्रधानमंत्री के मित्र गौतम अडाणी के कारोबारी हितों के चलते हो रहा है, इसलिए सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।

“दोहरा मापदंड देश के सामने”

आप सांसद ने केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आज तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों पर एक शब्द नहीं बोले, क्योंकि इससे उनके मित्र के व्यवसाय पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर भारत के विदेश मंत्री संवेदना व्यक्त करने जाते हैं, तब किसी को आपत्ति नहीं होती। वहीं, शेख हसीना को भारत में संरक्षण दिए जाने पर भी सवाल नहीं उठाए जाते। लेकिन जब बात शाहरुख खान की आती है तो देशभक्ति के प्रमाण मांगे जाने लगते हैं।

संजय सिंह ने कहा कि देश में राष्ट्रवाद को चुनिंदा लोगों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। “अगर शाहरुख खान देशद्रोही हैं, तो फिर अडाणी क्या हैं? और जिन्होंने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच होने दिया, वे क्या कहलाएंगे?” उन्होंने सवाल किया।

भारत-पाकिस्तान मैच पर भी उठाए सवाल

संजय सिंह ने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच होने देने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में प्रधानमंत्री को खुलकर स्टैंड लेना चाहिए था और यह तय करना चाहिए था कि आतंकवाद से जुड़े देशों के साथ न तो संबंध होंगे और न ही खेल। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि इससे कुछ लोगों को करोड़ों रुपये का मुनाफा हो रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीआई सचिव जय शाह को इस मैच से आर्थिक लाभ हुआ और सरकार ने इस पर चुप्पी साधे रखी। संजय सिंह ने कहा कि यह दोहरा मापदंड है,एक तरफ कुछ लोगों को निजी लाभ कमाने की छूट है और दूसरी तरफ कलाकारों और आम नागरिकों पर देशद्रोह के आरोप लगाए जाते हैं।

आम आदमी पार्टी की पदयात्रा का ऐलान

इस दौरान संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी की आगामी तीसरे चरण की पदयात्रा की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 16 जनवरी से 22 जनवरी तक मिर्जापुर के शहीद उद्यान से शुरू होकर वाराणसी के सारनाथ तक पहुंचेगी। लगभग 90 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा का मुख्य मुद्दा रोजगार होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में होने वाली इस पदयात्रा का नारा होगा,“रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो।” संजय सिंह ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार का ध्यान असली मुद्दों से भटका कर भावनात्मक और सांप्रदायिक विषयों पर लगाया जा रहा है।

भाजपा नेताओं पर अहंकार और गुंडागर्दी के आरोप

वाराणसी में भाजपा पार्षद के बेटे द्वारा एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह भाजपा नेताओं के बढ़ते अहंकार का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में भाजपा से जुड़े लोगों को कानून से ऊपर समझा जाने लगा है। उन्होंने इंदौर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 10 लोगों की मौत गंदा पानी पीने से हो गई, लेकिन संबंधित विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “घंटा फर्क नहीं पड़ता।” संजय सिंह ने इसे सत्ता के अहंकार का चरम बताया।

“कानून सबके लिए बराबर नहीं”

आप सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में यदि आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा हो तो उस पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि विपक्ष से जुड़े लोगों पर तुरंत मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में भी भाजपा से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलता है, जबकि आम जनता और विपक्षी कार्यकर्ताओं को परेशान किया जाता है। संजय सिंह ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह असली मुद्दों-रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल पूछे और दिखावटी राष्ट्रवाद के जाल में न फंसे।