
काशी की गंज शहिदा मस्जिद (फोटो- पत्रिका)
Ganj shahida mosque news: वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गंज शहिदा मस्जिद को खाली करने की नोटिस को रेलवे प्रशासन ने रद्द कर दिया है। नोटिस को रद्द किए जाने के बाद मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में खुशी जताई है। मस्जिद को खाली करने के लिए रेल प्रशासन ने 20 जून तक का समय दिया था। इसके बाद प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर मंगलवार को नोटिस को रद्द कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने को लेकर पास में ही स्थित गंज शहिदा मस्जिद को खाली करने के लिए रेल प्रशासन ने 13 जून को नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही 20 जून तक मस्जिद को खाली करने को कहा गया था। वहीं, अब रेल प्रशासन ने नोटिस को रद्द कर दिया है। इस बात की जानकारी होने के बाद मसाजिद कमेटी ने खुशी जताई है और राहत की सांस ली है।
दरअसल, रेल प्रशासन ने मंगलवार को मस्जिद परिसर में एक नोटिस चस्पा किया है। इसमें कहा गया है कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास रेलवे भूमि पर मस्जिद का निर्माण हुआ है। काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य में यह मस्जिद बाधक बना हुआ है। इस संबंध में 13 जून को नोटिस चस्पा किया गया था और अब उसे प्रशासनिक कारणों से रेल प्रशासन द्वारा 23 जून को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है।
वहीं, रद्द करने का नोटिस चस्पा किए जाने के बाद मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी एसएम यासीन ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह बनारस के लोगों की जीत है क्योंकि यह मस्जिद करीब 1000 साल पुरानी है, जिसका निर्माण 1034 ईस्वी में हुआ था। उन्होंने बताया कि इस मस्जिद के निर्माण से संबंधित उनके पास पुख्ता सबूत भी हैं। मस्जिद को नोटिस जारी किए जाने के बाद इसके ध्वस्तिकरण की कार्रवाई को रोकने को लेकर मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके एक मॉडल स्टेशन के रूप में तैयार किया जाना है। यहां एक ही स्थान से बस, ट्रेन और हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी, जिसको लेकर गंज शहिदा मस्जिद को खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। वहीं, इस मामले में मसाजिद कमेटी ने दलील दी है की मस्जिद 1000 साल पुरानी है और इसकी नीव 1034 ईस्वी में रखी गई थी, जबकि काशी रेलवे स्टेशन का निर्माण 1887 में हुआ था। ऐसे में यह रेलवे की जमीन कैसे हो सकती है।
Published on:
23 Jun 2026 07:07 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
