
गंगा दशहरा पर काशी के घाटों पर आस्था की डुबकी
वाराणसी. पतित पावनी मां गंगा के अवतरण दिवस पर बना है महासंयोग। इस महासंयोग में मां के स्पर्श और स्नान-दान को काशी के विभिन्न घाटों पर मुंह अंधेरे से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर-हर गंगे के उद्घोष भी हो रहे हैं। श्रसंद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के बाद घाट पर मौजूद पंडा-पुरोहितों को सामर्थ्य अनुसार दान कर पुण्य लाभ अर्जित करने में जुटे हैं। सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सुबह तो स्नान-दान का कार्यक्रम चल रहा है पर आज की शाम खास होने वाली है। संध्या बेला में वैसे तो प्रायः हर घाट पर मां गंगा की पूजा व आरती उतारी जाएगी, पर दशाश्वमेध घाट पर विशेष आयोजन किया गया है।
गंगा दशहरा पर महासंयोग
गंगा दशहरा यानी ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि। ज्योतिषियों के अनुसार आज एक साथ एक दो नहीं सात योग का संयोग हो रहा है जिसके चलते ये महासंयोग बना है। इसमें हस्त नक्षत्र भी है तो, व्यतिपात योग भी। कन्या राशि का चंद्रमा और वृषभ राशि का सूर्य है। इन सभी सात प्रमुख योग के मिलन के कारण गंगा दशहरा का पर्व और भी खास हो गया है।
गंगोत्री सेवा समिति की ओर से की जाएगी मां जाह्नवी की महाआरती
गंगा दशहरा के मौके पर दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की तरफ से गुरुवार को मां भागीरथी का विशेष पूजन करने साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। शाम को महाआरती की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह होंगे।
गंगा दशहरा पर किया दान कई गुना पुण्य लाभ प्रदान करता है
गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष किशोरी रमण दूबे 'बाबू महाराज' ने बताया कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर पड़ने वाला गंगा दशहरा सनातन धर्म में खास है। इस दिन गंगा स्नान कर जरूरतमंदों में दान-पुण्य करने का प्रतिफल अन्य दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़कर मनुष्य को मिलता है। साथ ही गंगा दशहरा पर मां जाह्नवी के विशेष पूजन अर्चन का विधान भी है। गंगा दशहरा के दिन घाट पर उमड़ने वाले आस्थावानों के भीड़ को देखते हुए सुगम व्यवस्था की गई है।
सूर्यास्त के बाद शुरू होगा मां गंगा का विशेष पूजन-अर्चन
बाबू महाराज ने बताया कि सूर्यास्त के बाद मां गंगा का विशेष पूजन-अर्चन शुरु किया जाएगा। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन और मां सुरसरि की महाआरती की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद बृजभूषण शरण सिंह होंगे।
ये होंगे कार्यक्रम
-मंगलाचरण, मां गंगा पूजन और दीपदान शाम 6.40 से 6.45 तक।
-मां गंगा की महाआरती शाम 7 बजे से।
-भजन संध्या देर शाम 8 बजे से।
गंगा सेवा निधि के आयोजन में 11 अर्चक आरती उतारेंगे तो 22 कन्याएं चंवर डोलाएंगी
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र के अनुसार शाम 6 बजे से शुरू होगा आयोजन। 11 भूदेव मां गंगा का पूजन करेंगे तो 11 अर्चक आरती उतारेंगे और 22 कन्याएं चंवर डोलाएंगी। रात्रि 8.30 बजे आरती की पूर्णता के पश्चात नृत्य नाटिका भी होगी।
Published on:
09 Jun 2022 09:49 am
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