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गुरुपूर्णिमाः गुरु दरबार में मत्था टेकने को लगी शिष्यों की कतार. मुस्लिम महिलाओं ने उतारी आरती

हर गुरु दरबार में लगा मेला, लोगों ने शीष नवाए और लिया आशीर्वाद।

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Ajay Chaturvedi

Jul 09, 2017

guru purnima muslim women

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वाराणसी.
आसाढ़ शुक्ल पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा पर भोले नाथ की नगरी में गुरु दरबारों में लगी शिष्यों की लंबी कतार। सुबह से ही हो रही रिमझिम बारिश में भींगते कतार में लगे शिष्य अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। चाहे वह पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम अघोर पीठ हो या बाबा कीनाराम स्थल अथवा गड़वाघाट आश्रम। इसके अलावा गांव गिरांव के छोटे-छोटे आश्रमों में भी शिष्यों की लाइन लगी रही। इस बीच मां अन्नपूर्णा मंदिर में महंत रामेश्वरपुरी ने पहले अपने गुरु की आराधना की फिर शिष्यों को आशीष दिया। इस बीच मुस्लिम महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर गुरुओं की आरती उतारी।









बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी प्राचीन काल से ही संत महात्माओँ की नगरी मानी जाती रही है। इस शहर में गुरुपूर्णिमा का पर्व पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाता है। गुरु शिष्य परंपरा की रौनक हर जगह देखने को मिलती है। खास तौर पर पड़ाव स्थित भगवान अवधूत राम का आश्रम और रवींद्रपुरी स्थित औघड़ व अघोरी परंपरा के मुख्यालय के रूप में विख्यात बाबा कीनाराम स्थल। रविवार को इन दोनों ही स्थलों पर मुंह अंधेरे से शिष्यों की कतार लग गई थी।







पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम अघोर पीठ में तो कल रात से ही जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा। वैसे यहां शनिवार की रात में ही भक्तों का सैलाब जमा हो गया था। पूर्वांचल ही नहीं देश विदेश से आए भक्तों के लिए पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए गए थे। इन भक्तों ने भजन कीर्तन करते रात गुजारी फिर सुबह होते ही कतार में लग गए। भक्तों ने आश्रम में अघोरेश्ववर भगवान राम के चित्र पर शीष नवाने के बाद संभव राम के दरबार में पहुंच कर एक-एक कर गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए गुरु का आशीर्वाद लिया। विशाल क्षेत्रफल वाले इस आश्रम में मेले जैसा दृश्य़ रहा। आश्रम के बाहर तरह तरह की दुकानें भी लग गई थीं। दर्शन-पूजन के बाद लोग आश्रम का भ्रमण करते। फिर बाहर मेले का लुत्फ उठाते रहे। यह सिलसिला पौ फटने से शुरू हुआ तो देर शाम तक चलता रहा।








उधर कीनाराम स्थल पर वर्तमान पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के दर्शन को शिष्य भोर से ही आतुर दिखे। यहां केवल बनारस ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से शिष्य पहुंचे। इसमें पुरुष, महिला और बच्चों के साथ बुजुर्ग भी शामिल रहे। कतारबद्ध लोग रह रह कर हर हर महादेव का उद्घोष करते रहे। सुबह करीब आठ बजे बाबा सिद्धार्थ गौतम अपने आसन पर विराजमान हुए। उनके आसनारूढ़ होते ही भक्तों की आतुरता और भी बढ़ गई। हर कोई बाबा की एक झलक पाने, उनके पांव पखारने और आशीष लेने को उतावला था।










वहीं गढ़वा घाट आश्रम में भी भक्तों ने पहुंच कर मत्था टेका। सुबह से ही लंबी लाइन लग गई थी। केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ में ज्योतिष एवं शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद और उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दरबार में भी शिष्यों का रेला उमड़ा। ऐसे ही धर्म संघ शिक्षा मंडलल दुर्गाकुंड में शंकर देव ब्रह्मचारी, कमोबेश यही हाल सतुवा बाबा आश्रम में संतोष दास, पातालपुरी मठ में बालक दास में भी सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही।

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