
वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय
वाराणसी. ज्ञानवापी प्रकरणः शृंगार गौरी और परिसर स्थित अन्य देव विग्रहों के नियमित पूज-पाठ को लेकर जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में चल रही सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। इससे पूर्व सोमवार को भी सुनवाई हुई जिसमें प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी न जवाब दाखिल किया था। कहा था कि इस केस की सुनवाई जिला जज की अदालत में नहीं हो सकती। ये वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। लिहाजा इस मामले की सुनवाई सुनवाई सेंट्रल वक्फ ट्रिब्यूनल ही कर सकता है।
अंजुमन का तर्क
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता शमीम अहमद ने कहा था कि ज्ञानवापी पर तत्काल शासक ने निर्माण कराया था। शरीयत कानून के तहत राजा का स्वामित्व वक्फ बोर्ड के अधीन होगा। वक्फ बोर्ड के स्वामित्व का निबटारा सेंट्रल वक्फ ट्रिब्यूनल में ही सुना जा सकेगा। ऐसे में मुकदमा खारिज किया जाय। इसके पश्चात अदालत में वादी और प्रतिवादी के बीच सहमति बनी कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी 23 अगस्त यानी मंगलवार को जवाबी बहस जारी रखेगी। उसके बाद वादिनी महिलाओं के एडवोकेट मसजिद कमेटी की जवाबी बहस का प्रति उत्तर देंगे।
अंजुमन के अधिवक्ता ने पेश की वक्फ एक्ट की धाराएं
दौरान-ए-जिरह अंजुमन कमेटी के अधिवक्ता ने वक्फ एक्ट की धाराएं भी पेश कीं। उन्होंने ये साबित करने की कोशिश की कि ये संपत्ति (ज्ञानवापी परिसर की संपत्ति) वक्फ बोर्ड की है। बताया कि केस के सिलसिले में 1291 के फसली वर्ष में दर्ज इंद्राज और अन्य सबूत व साक्ष्य दाखिल हैं जिसमें बताया गया है कि ये वक्फ की संपत्ति है।
अविमुक्तेश्वरानंद की अर्जी पर सुनवाई 29 को होगी
वहीं सिविल जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के दौरान मिली शिविंगनुमा आकृति की नियमित पूजा संबंधी याचिका पर अब 29 अगस्त को सुनवाई होगी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान बतौर प्रतिवादी काशी विश्वनाथ ट्रस्ट ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Published on:
23 Aug 2022 09:22 am
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