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सुबह-ए-बनारस के मंच पर गूंजा अली मौला तो हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति, पहुंची पुलिस

वाराणसी अस्सी घाट पर प्रसिद्ध सुबह-ए-बनारस के मंच पर हुआ सर्व धर्म समभाव कार्यक्रम विवाद की भेंट चढ़ गया। इस कार्यक्रम हुई कव्वाली में सुबह ए बनारस के मंच से अली मौला और या मोहम्मद गूंजा तो हिन्दू संगठनों ने आपत्ति जताई और कार्यक्रम को रुकवा दिया जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया जिसके बाद आगे का कार्यक्रम हुआ।

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Ali Maula echoed on the stage of Subha-e-Banaras

सुबह-ए-बनारस के मंच पर गोंजा अली मौला, फिर...

वाराणसी। धर्म की नगरी काशी में रोजाना सांस्कृतिक विभाग द्वारा मां गंगा की सुबह की आरती अस्सी घाट पर की जाती है। इसके बाद यहां योगा और सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाती है। अक्सर यहां कार्यक्रम का आयोजन होता है पर बुधवार को फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी और मानव गौ सेवा संस्थान, प्रयागराज द्वारा आयोजित शहनाई वादन, सूफी कव्वाली, कवि सम्मलेन और सर्व धर्म समभाव को समर्पित कार्यक्रम विवादों की भेंट चढ़ गया। इस मंच से जैसे ही भर दे झोली मेरी या मोहम्मद और अली मौला का गायन हुआ हिन्दू संगठनों के लिए घाट पर इकठ्ठा होने लगे और कार्यक्रम को रुकवा दिया। आयोजकों को पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज ये कव्वाली कर रहे हैं कल नमाज भी पढ़ेंगे। फिलहाल ने कव्वाली का कार्यक्रम रुकवा दिया बाकी कार्यक्रम सुचारू से से हुए। वहीं इस जानकारी पर एसीपी भेलूपुर प्रवीण सिंह भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की।

शहनाई वादन और भजन से हुई शुरुआत

कार्यक्रम के आयोजक और मानव गौ सेवा संस्थान, प्रयागराज के अध्यक्ष शफकत अब्बास पाशा ने बताया कि आज हम लोग यह प्रोग्राम करवा रहे हैं, जिसमें सभी धर्म गुरुओं के साथ या कार्यक्रम हो रहा है। इसकी शुरुआत भजन से हुई और फिर कव्वाली शुरू हुई तो कव्वालों ने भर दो झोली मेरी या मोहम्मद से शुरू किया। इस आयोजन में संकटमोचन के महंत विश्वम्भर नाथ मिश्रा भी मौजूद रहे। जैसे ही कवाली शुरू ही हिन्दू संगठनों को यह नागवार गुजरने लगा और वो अस्सी घाट पर इकट्ठा होने लगे।

रोक दी कव्वाली, बुलाई गई पुलिस

कव्वाल अली मौला गा रहे थे तभी पहुंचे हिन्दू संगठन के लोगों ने इसे रुकवा दिया। आयोजकों ने पुलिस बुलाई तो हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सुबह ए बनारस का मंच है जहां रोजाना हनुमान चालीसा और रामायण का पाठ होता है। वाहन हम अली मौला नहीं होने देंगे। इसपर आयोजकों ने कहा कि पहले भजन से ही शुरुआत हुई है। उसके पहले सहनाई पर शिव स्तुति हुई है तो वह प्रमाण मांगने लगे। फिलहाल कव्वाली बंद करा दी गई। उसके बाद आयोजकों ने कवि सम्मलेन शुरू कराया। वहीं मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दी गई है।