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IIT BHU में छात्राओं ने फिर किया हंगामा, मुद्दा खराब खाना, बोले निदेशक संस्थान को बदनाम करने की है कोशिश

तीन दिन पहले भी रात में ही किया था हंगामा, मुख्य मुद्दा मेस का खाना ही रहानिदेशक ने अगले दिन ही समस्या समाप्त करने को उठाए थे कदमलेकिन नहीं बनी बात, रात में फिर निदेश आवास घेरा छात्राओं ने

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आईआईटी छात्राओँ का फिर से हंगामा

आईआईटी छात्राओँ का फिर से हंगामा

वाराणसी. आईआईटी बीएचयू का माहौल बिगड़ा-बिगड़ा नजर आ रहा है। पिछले 48 घंटे में दो रात हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं सड़क पर निकलीं और डायरेक्टर का आवास घेर लिया। हालांकि तीन दिन पहले की घटना के तत्काल बाद डॉयरेक्टर हरकत में आए थे और उन्होंने न केवल जांच कमेटी गठित की बल्कि अगले ही दिन स्टूडेंट्स काउंसिल के सदस्यों और प्रोफेसरों के साथ मौका मुआयना और मीटिंग कर समस्या का समाधन करने की पहल की । लेकिन बात बनी नहीं और बुधवार और गुरुवार की रात छात्राएं फिर से थाली बजाते हुए हॉस्टल से निकलीं और डायरेक्टर आवास पहुंच गईं। आधी रात के बाद तक छात्राओँ का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। तीन दिन में लगातार दो दिन छात्राओँ का खराब खाने के नाम पर डायरेक्टर आवास घेरने की घटना मीडिया और सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। टॉक ऑफ द टाउन है। उधर इस मुद्दे पर निदेशक आईआईटी बीएचयू प्रो पीके जैन का कहना है कि इन छात्राओं को सिस्टम का विरोध कर खुद को हाईलाइट होने का चस्का लग गया है। ये संस्थान को बदनाम करने की कोशिश है। संस्थान छात्र-छात्राओं के हित में काम कर रहा है। थोड़ा वक्त तो लगेगा।

बुधवार की देर रात न्यू इंजीनियरिंग हॉस्टल से बड़ी संख्या में एमटेक व पीएचडी की छात्राएं सड़क पर आ गईं। छात्राओं ने मेस के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने जुलूस निकाला और पहुंच गईँ के त्याग राज कॉलोनी स्थित आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर पीके जैन के आवास पर। वहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह सिलसिला आधी रात के बाद तक जारी रहा।

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अब एक चर्चा आम हो गई है कि न्यू गर्ल्स इंजीनियरिंग हॉस्टल में करीब 720 छात्राएं रहती है। सभी हास्टल के मेस में खाना खाती हैं। लेकिन उसी खाने से इन एमटेक और पीएचडी की छात्राओं को क्या दिक्कत है। हॉस्टल में रहने वाली बीटेक की छात्राएं तो इनका समर्थन नहीं कर रही हैं। इसके जवाब में कुछ लोग तर्क दे रहे हैं कि यह सब स्टूडेंट फॉर चेंज ग्रुप की कुछ छात्राओं द्वारा किया जा रहा है।

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो प्रदीप कुमार जैन ने पत्रिका संवाददाता से बातचीत में कहा कि हम लोग छात्र-छात्राओं की समस्या की हर समस्या का समाधान करने में जुटे हैं। उनकी बातें सुनी जा रही हैं। उनकी मांग को पूरा किया जा रहा है। हॉस्टल में नया वाटर कूलर लगाया जा रहा है, भूमिगत टैंक बनाए जा रहे हैं। खाने को लेकर भी बात की गई है। काम होने में थोड़ा वक्त तो लगता है। उन्होंने कहा कि लगता है कि छात्राएं ऐसी हैं जिन्हें सिस्टम विरोध कर खुद को हाईलाइट होने का चस्का लग गया है और कुछ बात नहीं है अन्यथा सोमवार की रात मैं खुद उनके बीच रहा, उनकी बातें सुनीं, उस पर अगले दिन से ही काम शुरू हो गया है।

बता दें कि सोमवार की देर रात भी छात्राएं सड़क पर उतरी थीं। उस वक्त भी मेस के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। साथ ही इंटरनेट और साफ-सफाई का भी मुद्दा था। उसी दिन रात में ही डायरेक्टर ने जांच कमेटी गठित कर दी थी फिर अगले दिन सुबह मंगलवार आईआईटी बीएचयू के स्टूडेंट पार्लियामेंट के प्रतिनिधियों, सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ डायरेक्टर ने मीटिंग की थी। हॉस्टल का दौरा भी किया और सुविधाओं को शीघ्र देने का आश्वासन दिया था। उस समय छात्र प्रतिनिधि मान गए थे। अब सवाल है कि जब उस मीटिंग में सब कुछ सही हो गया था तो फिर क्या हुआ? इसका जवाब किसी के पास नहीं।