
इमाम ए हरम
वाराणसी. काबा के मुफ्ती ईमाम-ए-हरम डॉ. वसीउल्लाह अब्बास बुधवार को काशी पहुंचे। उन्होंने यहां मुस्लिम डीम्ड युनिवर्सिटी जामिया सलफिया के पुरातन छात्र समागम में हिस्सा लिया। उनके अलावा दुबई से मौलाना जफरुल हसन मदनी, यूएई से अब्दुर्रज्जाक सलफ, कुवैत से मो. अनवर कासिम सलफी और नेपाल से शेख अब्दुल मन्नान के साथ ही देश भर से बड़े उलेमा ने शिरकत की। इस दौरान काबा के ईमाम ने मजहब के साथ ही देश प्रेम पर जोर दिया। कहा कि इस्लाम धार्मिक सौहार्द्र और मुल्म से मुहब्बत का पाठ पढ़ाता है। दुनिया में सब आपस में भाई-भाई हैं और उन्हें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिये।
दुबई से आए जफरुल हसन मदनी ने जामिया की शैक्षिक गतिविधियों को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां से शिक्षित छात्र दुनिया के कई देशों में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। जामिया के कुलपति मु. यूनुस मदनी ने कहा कि इस पुरातन छात्र सम्मेलन का मकसद यहां से शिक्षित छात्रों को यह आभास दिलाना है कि वह न सिर्फ इस्लामी शिक्षा के प्रचार-प्रसार में बल्कि समाज के हित के लिये भी काम कर देश की उन्नति में भागीदारी करें।
जामिया के जनरल सेक्रेटरी अबदुल्ला सऊद सलफी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल और उसके नुकसान को रेखांकित किया। आयोजन में इनमें जमीयत अहले हदीस हिंद के असगर अली इमाम मेहंदी, अब्दुस्सलाम सलफी मुंबई से, कर्नाटक से अब्दुल वहाब जामेई, बिहार से डॉ. अरशद फहीम और पश्चिम बंगाल के मशहूर आलिम-ए-दीन मो. इसहाक मदनी भी आयोजन भी मौजूद रहे।
Published on:
28 Nov 2018 06:52 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
