
जलयोग
वाराणसी. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर इस बार हर साल की तरह कोई बड़ा आयोजन तो नहीं किया गया है लेकिन लोग अपने अपने तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करते हुए योग किया। पर श्री बाबा का योग कुछ अलग अंदाज़ वाला था। उन्होने वाराणसी (Varanasi) में गंगा की लहरों पर यौगिक क्रियाएं कीं और इस दुर्लभ विद्या का प्रदर्शन किया। श्रीबाबा ने गंगा की बीच धारा में उतरकर सांस रोककर हैरत अंगेज़ योगासन (Yogasan) किये। श्रीबाबा का दावा है कि वो पिछले 40 साल से इस तरह से जलयोग (Jalyoga) कर रहे हैं।
भगवा वस्त्र में गंगा में किया जलयोग
योग दिवस के मौके पर श्रीबाबा ने पहले मां गंगा को प्रणाम कर उनसे प्रार्थना की इसके बाद भगवा वस्त्र पहने हुए ही वो पांचगंगा घाट के सामने उस पर पानी में उतर गए। कुछ देर तैरने के बाद उन्होने पानी में जलयोग शुरू किया और गंगा की लहरों पर पद्मासन, फिर शवआसन और उसके बाद ज्ञानमुद्रा, शक्ति चालनी मुद्रा, जपमुद्रा जैसी यौगिक क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया।
15 साल की उम्र से योग कर रहे श्री बाबा
श्रीबाबा बताते हैं कि अब योग उनकी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन चुका है। योग उनके रूटीन में शामिल है। योग से कैसे परिचय हुआ और यौगिक क्रियाओं में इतनी महारथ कैसे हासिल हुई। इस सवाल का जवाब देते हुए श्री बाबा कहते हैं कि 15 साल की उम्र से वह योग कर रहे हैं। हरिनंदन स्वामी उनके योग गुरु रहे हैं। गुरु से योग का ककहरा सीखकर श्रीबाबा ने जलयोग करना खुद से सीखा।
इम्यूनिटी बढ़ाता है योग
श्रीबाबा कहते हैं कि योग भारतीय जीवनशैली का बेहद अहम हिस्सा है। इसके फायदे जानने के आज दुनिया भर में लोग योग कर रहे हैं। योग से हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। इससे इम्यूनिटी पावर भी बढ़ती है।
Published on:
21 Jun 2020 07:01 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
