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विश्वनाथ धाम के बाहर वकीलों से हथापाई पर मंदिर प्रशासन ने लिया संज्ञान, PAC जवान पर महिला से दुर्व्यवहार का आरोप

श्री काशी विश्वनाथ धाम में अधिवक्ता और महिला से दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। इन आरोपों के बाद मंदिर न्यास में स्पष्टीकरण जारी किया है...

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Shree kashi vishwanath

File photo

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर आए दिन पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं से अभद्रता किए जाने का वीडियो प्रसारित किया जाता है। इसी क्रम में कुछ अधिवक्ताओं ने उनके साथ मारपीट और पैसे छीनने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही पीएसी के एक जवान पर महिला श्रद्धालु से दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगा है। इसके बाद मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है।

मंदिर न्यास ने बताया है कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से एक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें कुछ अधिवक्ताओं द्वारा आरोप लगाया गया कि काशी वासियों के लिए रिजर्व किए गए समय पर दर्शन के लिए पहुंचे अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनसे पैसे छीने गए। मंदिर न्यास ने बताया है कि वीडियो की सत्यता की जांच करने पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित वीडियो किस स्थान का है। मंदिर न्यास ने बताया है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यम से वीडियो की जांच कराई गई।

मंदिर न्यास ने नहीं की पुष्टि

मंदिर न्यास ने बताया है कि घटना की जांच के दौरान यह पाया गया कि एक व्यक्ति मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था और कतार में नियम के विरुद्ध खड़ा था। मंदिर प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वीडियो और अन्य सक्ष्यों की आधिकारिक पुष्टि के बाद यदि कोई व्यक्ति ऐसे मामलों में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि फिलहाल व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का साक्ष्य नहीं मिला है।

इसके साथ ही एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालु के साथ मारपीट करते नजर आ रहा है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि यह घटना मंदिर परिसर के बाहर हुई है और वायरल किए जा रहे वीडियो का काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर या धाम से कोई संबंध नहीं है। इस वीडियो को गलत तरीके से मंदिर परिसर का बात कर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि भ्रामक प्रचार का संज्ञान लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

महिला से दुर्व्यवहार का आरोपी जवान सस्पेंड

जांच के दौरान यह सामने आया है कि वीडियो मंदिर जाने के रास्ते का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद मामले में डीसीपी काशी जोन गौरव बांसवा ने संज्ञान लिया और पाया कि आरोपी जवान पीएसी का हेड कांस्टेबल है। उसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पीएसी के सेनानायक से की। शिकायत मिलने के बाद सेनानायके ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है।