
वाराणसी पिंडरा विधानसभा क्षेत्र
वाराणसी. Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: यूं तो वाराणसी जिले में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं पर तीन विधानसभा क्षेत्र पड़ोसी जिलों के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें पिंडरा जौनपुर के मछली शहर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है तो अजगरा और शिवपुर चंदौली संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं। पिंडरा विधानसभा क्षेत्र का नाम दो बार बदला गया। सबसे पहले इसका नाम वाराणसी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था, फिर कोलअसला हुआ और 2012 के परिसीमन के बाद इसका नाम पिंडरा विधानसभा क्षेत्र पड़ा।
कोलअसला विधानसभा क्षेत्र में कभी भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का वर्चस्व था। पहली बार 1962 में सीपीआई के ऊदल ने चुनाव जीता। उसके बाद वह नौ बार इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। ऊदल और सीपीआई के वर्चस्व को तोड़ा अजय राय ने, जब 1996 में पहली बार कोलअसला से बीजेपी के टिकट पर वह विधायक बने। उसके बाद उन्होंने 2002 और 2007 में भी यहां से कमल खिलाया। राय ने इसी विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में निर्दल प्रत्याशी के रूप में भी फतह हासिल की। फिर 2012 के विधानसभा चुनाव में पिंडरा सीट के वजूद में आने के बाद भी अजय राय ने ही यहां से जीत हासिल की लेकिन कांग्रेस के टिकट पर। मगर 2017 में वह भाजपा के डॉ अवधेश सिंह से चुनाव हार गए। इतना ही नहीं 2017 के चुनाव में अजय राय को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। तब बीजेपी के डॉ अवधेश सिंह ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के बाबूलाल को करीब 37 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया था। डॉ सिंह को 90614 मत मिले थे जबकि बाबूलाल को 53765 मत। वहीं तीसरे स्थान पर ही कांग्रेस के अजय राय 48189 मत हासिल हुआ था। यहां ये भी बता दें कि 2017 में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल करने वाल डॉ अवधेश सिंह इससे पहले कांग्रेस और बीएसपी में भी रह चुके थे। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हिंदी विभाग के अध्यक्ष रह चुके प्रो अवधेश सिंह इससे पहले कांग्रेस, बीएसपी और अलग-अलग दलों से 5 बार विधानसभा का चुनाव हार चुके थे।
2012 का परिणाम और अजय राय
2012 के विधानसभा चुनाव में पिंडरा से कांग्रेस नेता अजय राय ने बीएसपी के जयप्रकाश को हरा कर जीत हासिल की थी। बता दें कि 2012 में पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के बाद राय ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी और आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध भी कांग्रेस के टिकट पर चुनौती पेश की लेकिन दोनों ही बार उन्हें तीसरे स्थान से संतोश करना पड़ा। इससे पहले वह 2009 में सपा के टिकट पर भी लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उस चुनाव में भाजपा के डॉ मुरली मनोहर जोशी को भी चुनौती दी थी लेकिन तब भी वह तीसरे स्थान पर रहे।
कुल मतदाता
पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता हैं तीन लाख 42 हजार 503 है।
जातीय समीकरण
इस विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा प्रभावशाली वोटर हैं कुर्मी। इसके अलावा इस विधानसभा में लगभग 60 हजार ब्राह्मण, 70 हजार पटेल, 50 हजार दलित, 25 हजार यादव मतदाता हैं। साथ ही भूमिहार, क्षत्रिय, राजभर, वैश्य, मुस्लिम, मौर्य, चौहान अन्य जातियां भी हैं।
Published on:
23 Dec 2021 11:15 am
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