
वाराणसी के प्राचीन बड़े हनुमान मंदिर से उतारा गया लाउडस्पीकर, गोस्वामी तुलसीदास जी ने मंदिर की स्थापना कराई थी
वाराणसी. मंदिर और मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण होने और इसे लेकर शुरू हुई सियासत पर लगाम कसने की कवायद उत्तर प्रदेश सरकार ने कर दी है। सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर के धर्म स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाए जाएंगे। इसके लिए धर्मगुरुओं से बातचीत करने को भी कहा गया है। इस बीच धर्म नगरी काशी में मंदिरों पर लगे लाउडस्पीकर उतारने व ध्वनि कम करने का सिलसिला आरंभ हो गया है। इस कड़ी में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित बड़े हनुमान मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को उतार दिया गया है। वहीं एक अन्य प्राचीन काली मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर की ध्वनि कम कर दी गई।
गोस्वामी तुलसीदास ने की थी इस महावीर मंदिर की स्थापना
अर्दली बाजार स्थित बड़े महावीर मंदिर के महंत शैलेंद्र कुमार द्विवेदी उर्फ बब्बू महराज का कहना है कि गोस्वामी तुलसीदास ने काशी में कुल पांच हनुमान मंदिरों की स्थापना की थी, उनमें से एक है ये पंचक्रोसी मार्ग स्थित बड़े महावीर जी का मंदिर। अब तो वरुणापार क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों मे इसकी शोहरत है। महंत ने बताया कि इस मंदिर से शांति का संदेश देने की कोशिश की गई है ताकि दूसरे लोग भी इसका अनुपालन करें और शासन की नीति के तहत ही भजन कीर्तन करें। लाउडस्पीकर उतरवा लें।
मुख्यमंत्री के आग्रह का पालन
महावीर मंदिर के महंत का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश के सभी मंदिर-मस्जिद के धर्मगुरुओं से आग्रह किया था कि लाउडस्पीकर की आवज कम रखें या बंद कर दें। उनके इस अनुरोध का पालन करते हुए अर्दली बाजार स्थित बड़े महावीर मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर का कनेक्शन कुछ दिन पहले ही काट दिया गया था। अब उसे उतार दिया गया।
काली मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज धीमी हुई
उधर वरुणापार क्षेत्र के ही पांडेयपुर स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के भी लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है। बता दें कि धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद प्रदेश में इसे लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। लाउडस्पीकर के निर्धारित मानक से तेज आवाज को लेकर शासन का रुख सख्त है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सभी को धार्मिक आजादी है पर लाउडस्पीकर की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर नहीं जानी चाहिए। इसके तहत सबसे पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही गोरखनाथ मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई। मुख्यमंत्री की इस पहल का अनुसरण करते हुए प्रदेश के कई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी लाउडस्पीकर की आवाज धीमी कर दी गई है।
2018 में ही जारी हुई थी गाइडलाइन
बता दें कि ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश के लिए 2018 में भी शासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई थी। दरअसल उस वक्त गृह विभाग को ये रिपोर्ट मिली थी कि कई धार्मिक स्थलों में निर्धारित डेसिबल का उल्लंघन किया जा रहा है। बताया गया था कि औद्योगिक, वाणिज्यिक, रिहायशी व शांत क्षेत्रों में दिन व रात के लिए अधिकतम ध्वनि तीव्रता निर्धारित है जिसका पालन कराने के लिए गृह विभाग की ओर से प्रत्येक जिले में इन ध्वनि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया था।
कहां कितना मानक (डेसिबल में)
क्षेत्र-दिन-रात
औद्योगिक-75-70
वाणिज्यिक-65-55
आवासीय-55-45
शांत क्षेत्र-50-40
Published on:
26 Apr 2022 09:42 am
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