
मेट्रो ट्रेन
वाराणसी. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से लेकर, गोरखपुर, इलाहाबाद पहली बार मिनी लाइट मेट्रो रेल सर्विस शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। वाराणसी में इसे लेकर पूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें मेट्रो ट्रेन की तुलना में कोच छोटे होंगे। इनकी गति भी कम रहती है। इनकी लागत मेट्रो ट्रेन की अपेक्षा कम आती है। छोटे शहरों के लिए यह मेट्रो उपयुक्त रहती है। मेट्रोमैन डॉ. ईश्रीधरन ने इस बात की जानकारी दी।
मेट्रो प्रोजेक्ट के मुख्य सलाहकार व मेट्रोमैन डॉ. ई श्रीधरन ने बताया कि वाराणसी, मेरठ और इलाहाबाद में डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम तेज किया गया है। वाराणसी की डीपीआर में प्रदेश सरकार ने कुछ सुझाव शामिल कराए हैं। इसे केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। श्रीधरन लखनऊ मेट्रो की समीक्षा करने के लिए राजधानी में थे। मेट्रो भवन में श्रीधरन ने बताया कि यूपी के 20 लाख से कम आबादी वाले गोरखपुर और आगरा जैसे शहरों में लखनऊ की तर्ज पर मेट्रो नहीं चलाई जा सकती।
उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी के अनुसार 20 लाख की आबादी वाले शहर में मेट्रो चलाई जाएगी इसलिए उन लोगों ने सोचा कि वाराणसी में लाइट मेट्रो सर्विस शुरू की जाए। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि लाइट मेट्रो की यात्रियों को ले जाने की क्षमता 12000 से कम होती है जबकि मीडियम मेट्रो में 12,000 से लेकर 50,000 तक की क्षमता होती है। वहीं भारी मेट्रो में 50,000 से क्षमता का भार वहन हो सकता है।
दिल्ली के अतिरिक्त भारत के हर शहर जयपुर , बेंगलुरु, कोची और यहां तक की लखनऊ में अभी मीडियम मेट्रो रेल का संचालन हो रहा है। वाराणसी देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां लाइट मेट्रो + चलाई जाएगी।
इसलिए अब इलाहाबाद, गोरखपुर सहित दूसरे शहरों में अब सिर्फ लाइट मेट्रो ही चलाई जाएगी। श्रीधरन ने कहा कि कानपुर मेट्रो का डीपीआर और आगरा मेट्रो का डीपीआर सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। अब मेरठ, गोरखपुर और इलाहाबाद का डीपीआर बनाया जा रहा है।
Published on:
20 Dec 2017 03:08 pm
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