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बाहुबली मुख्तार अंसारी ने उड़ायी थी बीजेपी के इस दिग्गज नेता की नीद, भगवा दल में मच गयी थी खलबली

गढ़ में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी ने खेला था दांव, मतगणना के दिन तक पार्टी रही परेशान

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Mukhtar Ansari

Mukhtar Ansari

वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है। विभिन्न दलों ने चुनावी समीकरण को साधने के लिए खास रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। देश की कुछ सीटे ऐसी है, जिन्हें चुनाव परिणाम के अनुसार सबसे हॉट माना जा रहा है। इसी क्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी की संसदीय सीट बनारस भी है जहां से पीएम फिर से बीजेपी के प्रत्याशी होंगे। कांग्रेस के बाद बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर वर्ष 2009 में जबरदस्त चुनावी मुकाबला देखने को मिला था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाहुबली मुख्तार अंसारी को टिकट देकर बीजेपी के कद्दावर नेता डा.मुरली मनोहर जोशी की परेशानी बढ़ा दी थी। जबरदस्त चुनावी मुकाबले में बीजेपी मात्र 17 हजार कुछ वोटों से अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब हुई थी जबकि इसी सीट पर वर्ष 2014 में पीएम नरेन्द्र मोदी ने तीन लाख से अधिक मतों से विजय हासिल की थी।
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IMAGE CREDIT: Patrika

वर्ष 2009 का चुनाव इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गया है। वर्ष 2004में इसी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी डा.राजेश मिश्रा ने बीजेपी के तीन बार के सांसद रहे शंकर प्रसाद जायसवाल को शिकस्त दी थी। इसके बाद जब चुनाव 2009 में प्रत्याशियों का ऐलान होना था तो बीजेपी को लगा कि अपने गढ़ में वापसी के लिए किसी दमदार नेता को प्रत्याशी बनाना होगा। इलाहाबाद के सांसद रहे व बीजेपी के दिग्गज नेता माने जा रहे डा.मुरली मनोहर जोशी को बीजेपी ने इस सीट से सांसद बनाया। डा.जोशी के प्रत्याशी बनते ही यह सीट प्रदेश की हॉट सीट बन गयी थी। बसपा ने पहली बार इस सीट पर चुनाव जीतने के लिए बाहुबली मुख्तार अंसारी को प्रत्याशी बनाया था। चुनावी दंगल में मुख्तार अंसारी को आ जाने के बाद लड़ाई दिलचस्प हो गयी थी। कांग्रेस ने पूर्व सांसद डा.राजेश मिश्रा व डा.मुरली मनोहर जोशी को प्रत्याशी बनाये जाने से नाराज बीजेपी नेता अजय राय को सपा ने टिकट देकर बड़ा दांव खेला था। सपा के प्रत्याशी सूची जारी होते ही बीजेपी की परेशानी बढ़ गयी थी। एक तरफ मुस्लिम व दलित वोटों के सहारे सांसद बनने के लिए मुख्तार अंसारी चुनौती दे रहे थे तो दूसरी तरफ डा.राजेश मिश्रा व अजय राय के प्रत्याशी होने से सवर्ण वोट बैंक बीजेपी से खिसकता नजर आ रहा था। जेल में रहते हुए भी मुख्तार अंसारी ने अपने खास लोगों को चुनाव प्रचार में लगा दिया था। मतदान तिथि नजदीक आने के साथ इस सीट पर चतुकोणीय लड़ाई बीजेपी व बसपा के बीच सिमटती गयी थी।
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दोपहर में फैली अफवाह की भाई जीत गया, इसके बाद बीजेपी समर्थक हुए सक्रिय
चुनाव के दिन दोपहर तक सामान्य था। भीषण गर्मी के चलते मतदाता कम निकल रहे थे जबकि मुस्लिम इलाकों में लंबी लाइन लगी थी। दोपहर दो बजे के बाद शहर में एक अफवाह फैली कि भाई (मुख्तार अंसारी)जीत रहा है। जंगल में आग की तरह यह अफवाह शहर भर में फैल गयी। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रियता बढ़ायी और समर्थकों को घर से निकाल कर मतदान करने के लिए भेजा। गर्मी के चलते मात्र ४२.६१ प्रतिशत ही वोटिंग हुई थी जिसके चलते चुनाव परिणाम तक यह तय करना कठिन था कि कौन प्रत्याशी जीत रहा है। मतगणना के दिन शुरूआती रूझान भी बाहुबली मुख्तार अंसारी के पक्ष में था लेकिन गिनती बढऩे के साथ ही बाजी पलट गयी और डा.मुरली मनोहर जोशी कम मतों से चुनाव जीतने में सफल रहे।

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इन प्रत्याशी को मिला था इतना वोट
बीजेपी प्रत्याशी डा.मुरली मनोहर जोशी-2,03122
बीएसपी प्रत्याशी मुख्तार अंसारी-1,85,911
सपा प्रत्याशी अजय राय-1,23,874
कांग्रेस प्रत्याशी डा.राजेश मिश्रा-66,386

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