
Varanasi Looks Like Mahakumbh on Mahashivratri: महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी की भव्यता और दिव्यता का एक अलग ही रंग होता है। इस बार महाकुंभ के बाद बाबा विश्वनाथ के परम भक्त नागा साधुओं ने काशी की भव्यता को और बढ़ा दिया। नागा साधुओं की पेशवाई और करतब ने काशीवासियों का मन मोह लिया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में अखाड़ों की पेशवाई के दौरान हर- हर महादेव का उद्घोष होता रहा। इस दौरान वाराणसी में श्रद्धालुओं ने दिव्य और भव्य नजारे का दर्शन किया। नागा सन्यासियों ने काशीवासियों को अपने शस्त्रों से हैरान कर देने वाले करतब दिखाएं।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बुधवार को हनुमान घाट, दशाश्वमेध घाट और राजघाट से विभिन्न अखाड़ों की भव्य पेशवाई निकाली गई। इस दौरान काशी में प्रयागराज महाकुंभ जैसा दिव्य नजारा देखने को मिला। गंगा घाटों से लेकर बाबा विश्वनाथ के धाम तक श्रद्धालुओं ने भव्यता और आस्था के दर्शन किए। विभिन्न घाटों से निकले अखाड़े गोदौलिया पर संगम करते हुए विश्वनाथ धाम की ओर रवाना हुए।
इस बार पहली बार नागा साधु-संन्यासियों ने काशी विश्वनाथ धाम में गेट नंबर चार, यानी ज्ञानवापी मार्ग से प्रवेश किया। हर-हर महादेव के जयकारों के साथ यह टोली मंदिर परिसर में पहुंची। इससे पहले नागा संन्यासियों को ढुंढिराज गणेश मार्ग से प्रवेश दिया जाता था। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई, जहां महाकुंभ की पूर्णाहुति संपन्न हुई।
महाशिवरात्रि के दिन अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक चारों ओर शंख, घंटा-घड़ियाल और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देती रही। केदारेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले केदारघाट की सीढ़ियां पूरी तरह से श्रद्धालुओं से भर गईं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के उपरांत निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने बताया कि इस शुभ अवसर पर सभी पांच अखाड़ों ने महादेव की पूजा-अर्चना की और महाकुंभ की पूर्णाहुति के लिए अभिषेक संपन्न किया।
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Updated on:
26 Feb 2025 05:49 pm
Published on:
26 Feb 2025 05:49 pm
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