पार्षद प्रत्याशियों ने ह्वाट्सएप को बनाया प्रचार का साधन। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप प्रचार सामग्री से भरे रहे। प्रायः पार्षद प्रत्याशी हाथ जोड़े अपनी फोटो के साथ मार्मिक अपील करता नजर आया। ऐसे में मेयर प्रत्याशी भला क्यों पीछे रहें। यह तो सच है कि मेयर का कोई भी प्रत्याशी हो सभी 90 वार्डों में दस्तक नहीं दे सका। ऐसे में उन्होंने फेसबुक पर ही मतदाताओं से क्षमा याचना करते हुए संपर्क साधने की कोशिश की। कुछ ने घोषणा पत्र भी डाल दिया। उन्होंने अपने वॉल पर पोस्ट डाली तो उनके फेसबुक मित्र उसे लाइक कर वायरल करने लगे। ये तो प्रायः हर फेसबुक यूजर जानता है कि अगर कोई पोस्ट उसने अपनी वॉप पर डाली तो उसके जितने मित्र होंगे वहां तक तो वह पोस्ट पहुंचेगी ही साथ में उसके एफबी मित्रों ने उसे लाइक किया तो पोस्ट उसके मित्रों और इसी तरह से चक्रवृद्धि ब्याज की तरह वह पोस्ट वायरल होती रहेगी। इससे बेहतर प्रचार का साधन और कोई हो नहीं सकता। इसे मेयर और पार्षद प्रत्याशियों ने बखूबी समझा और उसका भरपूर इस्तेमाल भी किया। इसमे सपा, कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी यहां तक कि बसपा प्रत्याशिों ने भी खूब इस्तेमाल किया। प्रत्याशियों ने वादे भी किए कि उन्हें मत व समर्थन दें, वो जीत गई तो काशी का कायाकल्प हो जाएगा।