20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती देने वाले ओमप्रकाश राजभर को लगा झटका, चली गयी इस नेता की कुर्सी

कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, गाजीपुर में सुभासपा होगी कमजोर

2 min read
Google source verification
Om Prakash Rajbhar

Om Prakash Rajbhar

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती देने वाले सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को तगड़ा झटका लगा है। यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के करीबी माने जाने वाले कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। इसके चलते सुभासपा की परेशानी बढ़ सकती है।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी पहुंचे प्रतापगढ़, जानेंगे राजा भैया के गढ़ क हाल


सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के करीबी कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत प्रमुख नारायण राम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था माना जा रहा था कि ओमप्रकाश राजभर के करीबी होने के पंचायत प्रमुख को शासन का साथ मिलेगा। विश्वास प्रस्ताव के दौरान १२० क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 78 ने भाग लिया है। पंचायत प्रमुख के समर्थन में कुल तीन मत पड़े हैं जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 74 वोट मिले हैं। ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण राम सहित 42 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया है। अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाने के बाद अब नये पंचायत प्रमुख का चयन होगा।
यह भी पढ़े:-बाहुबली राजा भैया के प्रतापगढ़ में जायेंगे सीएम योगी, दलित के घर भोजन करके देंगे मायावती को झटका

ओमप्रकाश राजभर दे चुके हैं सीएम योगी को खुली चुनौती
ओमप्रकाश राजभर ने कई बार सीएम योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी है। सार्वजनिक मंच से दिये गये भाषण हो या फिर मीडिया से कही बाते। सभी जगहों पर ओमप्रकाश राजभर ने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। बीजेपी व सुभासपा का गठबंधन खराब दौर से गुजर रहा है। निकाय चुनाव में सुभासपा से गठबंधन से अलग होकर बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था इसके बाद भी कई मौकों पर ओमप्रकाश राजभर ने यूपी सरकार पर भ्रष्टाचार व जाति कार्ड खेलने का आरोप लगाया हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ व सुभासपा के बीच मतभेद इतना अधिक हो चुका था कि मसला सुलझाने के लिए खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लखनऊ में आकर बैठक करनी पड़ा था।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी पर भारी पड़ रही बीजेपी की कुंडली, ज्योतिषाचार्य ने बताया 2019 के चुनाव में यह हो सकता