श्रीप्रकाश शुक्ला भले ही मारा गया था लेकिन पुसिल ने उसके पकडऩे के अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च किये थे। उस समय सर्विलांस करना बहुत महं्रगा था और श्रीप्रकाश शुक्ला की तलाश में एसटीएफ ने मुम्बई, राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों को छाना था मुखबिरों पर भी एसटीएफ ने पानी की तरह पैसा बहाया था। श्रीप्रकाश शुक्ला की मौत के बाद उसका खौफ भले खत्म हो गया था लेकिन जयराम की दुनिया में उसके आज भी चर्चे होते हैं।