
वाराणसी. क्राइम ब्रांच व कैंट पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 15-15 हजार के दो इनामी बदमाशों को पकडऩे में सफलता पायी है। मंगलवार को एसएसपी आरके भारद्वाज ने पकड़े गये बदमाशों की जानकारी दी। बताया कि दोनों ही बदमाश असलहा तस्कर भी है और एक बदमाश ने फरार अभियुक्त अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस सिंह के आवास पर आसिफ अंसारी उर्फ पिंकू की हत्या भी की थी। बदमाशो के बाद से असलहे भी बरामद हुए है। फरार दो साथी भी जल्द ही जेल में होगे।
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एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह पांडेयपुर चौराहे पर अपनी टीम के साथ मौजूद थे इसी बीच कैंट थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय भी गश्त करके लौट रहे थे। मुखबिर से सूचना मिली कि आसिफ अंसारी की हत्या में शामिल व पुलिस पर फायरिंग करके फरार हुए बदमाश किसी की हत्या करने की योजना बना रहे हैं। काली मंदिर के पास सभी बदमाश मौजूद हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच व कैंट पुलिस ने काली मंदिर के पास दबिश डालने पहुंचे। वहां पर मौजूद चार बदमाशों ने पुलिस को देख लिया और फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद भी क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीम ने दो बदमाशों को पकड़ लिया। जबकि दो बदमाश फायरिंग करते हुए फरार होने में कामयाब हो गये। पुलिस पूछताछ में दोनों बदमाशों ने अपना नाम सादिक निवासी पक्की बाजार थाना कैंट व जावेद निवासी हुकूलगंज थाना कैंट बताया है। बदमाशों के पास से पुलिस ने 9 एमएमए की पिस्टल, तमंचा, कारतूस, दो वाहन व मोबाइल बरामद किया है। पूछताछ में बदमाशों ने अपराध की जानकारी दी है। पूछताछ में बताया कि जावेद खा ने ही अभिषेक सिंह के आवास पर 9 एमएम की पिस्टल से आसिफ अंसारी की पिछले साल गोली मार कर हत्या की थी। फरार दो बदमाशों का नाम अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस व इमरान है जो बहुत जल्द ही पकड़े जायेंगे। पत्रकार वार्ता में एसपी क्राइम ज्ञानेन्द्र प्रसाद, एसपी सिटी दिनेश सिंह भी उपस्थित थे।
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पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अभिषेक जाता था कचहरी
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि बिहार से अवैध शस्त्र लाकर यहां पर बेचते थे और भाड़े पर हत्या भी करते थे। 2012 में पक्की बाजार के इस्लाम की हत्या करने के बाद उसके शव का टुकड़ो में करके चंदौली में फेंक आये थे। इसी क्रम में 2014 में रामनगर में छात्रनेता विवेक सिंह को गोली मारी थी जो बच गया था। गैंग का लीडर अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस है जो पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ही कचहरी जाकर वकालत करने का दावा करता था। लेनदेन व पैसों के चलते ही अभिषेक के आवास पर आसिफ की गोली मार कर हत्या की गयी थी। अभिषेक का जमीन विवाद को लेकर बिहारी यादव से विवाद था जिसकी हत्या करनी थी इससे पहले बदमाश हत्या करने के इरादे से रजनिया में खड़े थे तो वहां पर पुलिस से मुठभेड़ के बाद दो साथी पकड़े गये थे इसके बाद फिर से हम लोग काली मंदिर के पास एकत्रित होकर हत्या की योजना बना रहे थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार सादिक पर विभिन्न थानों में हत्या सहित कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं जबकि जावेद पर हत्या सहित कुल चार मुकदमे पंजीकृत हैं। बदमाशों को पकडऩे में क्राइम ब्रांच के एसआई राकेश सिंह, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, सुरेन्द्र मौर्य, चन्द्रसेन सिंह आदि पुलिसकर्मी शामिल थे।
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