वाराणसी. Rakshabandhan भाई-बहन के प्रेम और सौहार्द्र का त्योहार है। इसका अर्थ रक्षा करना, रक्षा को तत्पर रहना या रक्षा करने का वचन देने से है। इस बार भद्रा रहेगा और साथ ही चंद्रग्रहण भी होगा। रक्षाबंधन बहन के प्रति भाइयों के दायित्वों का बोध कराने का पर्व है।
इस Rakshabandhan पर करीब 12 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब राखी के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक भी लगेगा।
Rakshabandhan 2017 6 अगस्त को पूर्णिमा तिथि को 10: 30 बजे लग जाएगी। लेकिन भद्रा रहेगा। 22:30 से आरंभ होगा किंतु भद्रा व्याप्त रहेगी। इसलिए यह त्यौहार 7 अगस्त को संपन्न किया जाए तो अच्छा रहेगा।
परंतु परिस्थितिवश यदि भद्रा काल में यह कार्य करना हो तो भद्रा मुख को त्यागकर भद्रा पुच्छ काल में इसे करना चाहिए। शुभ मुहुर्त में भाई की कलाई पर राखी बांधने से राखी भाई- बहन के रिश्तों में मजबूती लाता है।