
File photo
वाराणसी: साल के पहले चंद्र ग्रहण के दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट 2 घंटे 45 मिनट तक बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बताई गई समय सारणी को ध्यान में रखते हुए वे दर्शन-पूजन की प्लानिंग करें। इसके साथ ही मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की गई है।
3 मार्च 2026 को इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। धर्म शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले से ही सूतक काल लग जाता है, जिसको लेकर से काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने परंपरा के अनुसार ग्रहण के समय मंदिर के कपाट बंद रखने का निर्णय लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया है कि मंदिर का कपाट ग्रहण प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पूर्व बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि धर्माचार्यों के अनुसार, चंद्रोदय का समय शाम 5:59 पर है, जबकि मोक्ष का समय शाम 6:45 पर है। परंपरा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के कपाट शाम 4:30 पर बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के दर्शन पूजन की अनुमति नहीं होगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया है कि मोक्ष के पश्चात विधि विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा और शुद्धिकरण व आवश्यक धार्मिक विधि के बाद मंदिर के कपाट शाम 7:15 पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे समय को ध्यान में रखते हुए दर्शन पूजन की योजना बनाएं इसके साथ ही मंदिर परिसर में अनावश्यक रूप से जबरदस्ती दर्शन करने की कोशिश ना करें।
Published on:
01 Mar 2026 03:46 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
