
बीएचयू का खेल मैदान
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की चाहत रही कि विश्वविद्यालय का हर छात्र रोज सुबह उठे और व्यायाम करे। उनका मानना था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग होता है। दिन की शुरूआत व्यायाम से हो तो पूरे दिन स्फूर्ति बनी रहती है। यही वजह है कि विश्वविद्यालय के हर छात्रावास के सामने खेल मैदान है। इसके अलावा एक एम्फी थिएटर ग्राउंड भी है, जहां आधुनिक खेलों के लिए भी पर्याप्त संसाध हैं। अब कुलपति प्रो सुधीर जैन ने इस कड़ी में और लंबी लकीर खीचने जा रहे है।
कृत्रिम रोशनी में होंगे खेल, ओपेन एयर जिम का भी इंतजाम
खेल और खिलाड़ियो को बढ़ावा देने के लिहाज से कुलपति ने लगभग सभी संकायों के लिए खेल मैदान आवंटित कर दिया है। इतना ही नहीं खेल मैदानों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि रात में भी खेल हो सकें। इसकी खातिर कृत्रिम रोशनी का भी इंतजाम किया जाएगा। इतना ही नहीं, ओपेन एयर जिम का इंतजाम भी होगा।
हर संकाय, विभाग, संस्थान को मिलेगी खेल सामग्री
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तय किया है कि अब हर संकाय, विभाग और संस्थान को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसी कड़ी में महिला महाविद्यालय, शिक्षा संकाय और राजीव गांधी दक्षिणी कैंपस के विद्यार्थियों के लिए उनके परिसर में ही खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को लिया गया।
Published on:
20 May 2022 03:12 pm
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