
अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में यौन शोषण का आरोप, PC- Patrika
वाराणसी: माघ मेले में विवादों में घिरने के बाद अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप जगतगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने उन पर लगाए हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया है।
माघ मेले में विवादों में गिरने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों के साथ यौन शोषण का आरोप लगा है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बच्चों का उत्पीड़न करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उन पर आय से अधिक संपत्ति होने का भी आरोप लगाया है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने 8 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर करके कहा– गुरुकुल की आड़ में वह बाल उत्पीड़न करते हैं। अपने आरोपों की पुष्टि के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी ने 2 बच्चों को भी पेश किया। उन्होंने कहा अविमुक्तेश्वरानंद अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उनके पास आय से अधिक संपत्ति है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आशंका है कि शिविर में अवैध हथियार भी हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप लगाया है और उनके नजदीकी शिष्यों में शामिल मुकुंदनंद की भी जांच करने की मांग की है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन शोषण के आरोप और आय से अधिक संपत्ति होने के आरोपों पर कहा कि गौ माता के लिए आवाज उठाने पर सरकार तरह का उनके ऊपर आरोप लगा रही है। यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं जो सभ्य समाज से अपेक्षा नहीं की जा सकती।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि उनकी तरफ से सभी साक्ष्य कोर्ट के सामने रख दिए गए हैं। मामले में दोनों पक्ष 20 फरवरी को कोर्ट के सामने पेश होंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाए हैं कि उनकी आवाज को दबाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनकी आय होती है उसकी संपत्ति होती है। हम शंकराचार्य हैं और हमारी कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेतन भोगी है, हम नहीं। पूरे मामले पर अब न्यायालय ही दूध का दूध और पानी का पानी करेगा।
Published on:
11 Feb 2026 07:51 pm
