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गांधी-शास्त्री जयंती पर महापुरुषों को किया नमन, उनके आदर्शों को आत्मसात करने की ली शपथ

जिले में मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, निकली प्रभातफेरी, स्वच्छता संदेश को स्वच्छोदय रवाना

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वाराणसी. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 115 वीं जयंती जिले में पूरी श्रद्धा के साथ मनाई गई। सभी सरकारी एवं अर्द्वसरकारी कार्यालय सहित विद्यालय भवनो पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही सत्य एवं अंहिसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और 1965 के युद्ध नायक माटी के लाल पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यापर्ण कर श्रंद्वासुमन अर्पित किया गया।


सत्य-अंहिसा’’ हमेशा प्रासंगिक रहेगा तथा गांधीवाद कभी अप्रासंगिक हो ही नही सकता
मंडलीय कार्यालय में कमिश्नर दीपक अग्रवाल तथा कलेक्ट्रेट के जिला रायफल क्लब सभागार में जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यापर्ण किया। मंडलीय कार्यालय में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री आज भी प्रांसगिक है। बापू सत्य एवं अंहिसा के पुजारी थे। उन्होंने इसी को हथियार बनाकर फिरंगियों से लोहा लेते हुए देश को गुलामी के जंजीर से आजाद कराया। यही सत्य अंहिसा देश की संस्कृति बन गई। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी आज कहीं ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने देश को गुलामी के जंजीर से आजाद कराने की बात उस समय सोची, जब लोग इस दिशा में सोच ही नही सकते थे, क्योंकि उस दौर में आजादी की परिकल्पना दिवास्वप्न रहा। इतना ही नही महात्मा गांधी ने आजादी के लड़ाई को लड़ने के लिये सत्य एवं अंहिसा को हथियार बनाया। उन्होने ग्राम स्वराज की परिकल्पना काफी पहले ही करते हुए ‘पंचायत राज‘ को लोकतंत्र की बुनियाद का इकाई माना था। कहा कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री ऐसे महामानव थे जो युगों में ही पैदा होते है। कमिश्नर ने कहा कि महात्मा गांधी ने हिंसा के दौर में दमन के लिए अंहिसा का रास्ता अख्तियार किया था। ‘‘सत्य-अंहिसा’’ हमेशा प्रासंगिक रहेगा तथा गांधीवाद कभी अप्रासंगिक हो ही नही सकता।

आकार-प्रकार का महत्व नही, व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता व इच्छाशक्ति उसे महान बनाती हैः कमिश्नर
उन्होंने माटी के लाल पूर्व प्रधानमंत्री एवं 1965 के युद्व नायक तथा जय जवान-जय किसान के प्रणेता लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदमी का आकार-प्रकार कोई महत्व नही रखता, ब्लकि उसकी निर्णय लेने की क्षमता व इच्छाशक्ति ही उसे महान बनाती है। लाल बहादुर शास्त्री एक गरीब परिवार से रहे तथा देश के प्रधानमंत्री जैसे शीर्षस्थ पद पर आसीन हुए। प्रधानमंत्री के रूप में माटी के लाल कहे जाने वाले लाल बहादुर शास्त्री का कार्यकाल मात्र दो वर्षो का रहा, लेकिन इन्हीं अल्प अवधि में उन्होने बड़े-बड़े ऐतिहासिक कार्य किए। वे कुशल प्रशासक व मजबूत प्रधानमंत्री रहे। उन्होने कहा कि 1962 में चीन से युद्व हारने के बाद देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था और उसी दौरान मात्र तीन साल के अंदर ही पाकिस्तान से युद्व हो गया जिसमे पाकिस्तान को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा। भारत-पाकिस्तान के इस युद्व में मिली जीत का श्रेंय भी उन्ही को जाता है। कमिश्नर ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने हरित क्रांति व श्वेत क्रांति लाकर देश को अन्न एवं दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया तथा ‘‘जय जवान-जय किसान’’ का नारा देकर उन्होंने किसानो को मजबूती प्रदान की। उन्होने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस मनाने की सार्थकता तभी है जब उनके जीवन मूल्यों का लोग आत्मसात करें।


ग्राम स्वराज का सपना पूरा करना सबका लक्ष्यःडीएम
कलेक्ट्रेट में आयोजित गांधी एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान की उपमा नही दी जा सकती। दुनिया के तमाम विख्यात शख्सियतो ने भी महात्मा गांधी से प्रेरणा ली है। उनके जीवन आदर्शो को अपनाया है। गांधी की सादगी ही उनका विशेष गुण रहा। उन्होंने सत्य एवं अंहिसा को हथियार बनाकर दुनिया के सबसे बड़े एवं ताकतवर देश इंग्लैड को परास्त किया। गांधी ने गांवों के लोगो के लिए आवाज उठाई तथा ‘‘ग्राम स्वराज्य’’ की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के स्वावलम्बन एवं उनके संशक्तिकरण की आवाज को बुलन्द किया था। वहीं माटी के लाल बहादुर शास्त्री जहां काशी के ही रहे, वही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी काशी से विशेष लगाव रहा। महात्मा गॉधी 04 फरवरी, 1916 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के लोकापर्ण समारोह में काशी आए तथा उन्होने अपना पहला राजनैतिक भाषण काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ही दिया था। महात्मा गांधी के सिद्वांतों को शास्वत सत्य बताते हुए, उसका अनुसरण करने का उन्होने अधिकारियों व कर्मचारियों का आहवान् किया।

स्कूली छात्रों ने निकाली प्रभात फेरी
गांधी जयंती के अवसर पर मंगलवार को प्रातः जीजीआईसी से क्वींस कालेज व राधा किशोरी बालिका विद्यालय रामनगर से प्रभु नारायण इण्टर कालेज तक तथा नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा जगह-जगह प्रभातफेरी निकाली गई। इसमें बच्चे हाथों में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के विचारो की उल्लेखित तख्तियां हाथों में ले कर चल रहे थें। नगर के संपूर्ण क्षेत्र विशेषकर छोटी मलदहिया (पिपलानी कटरा), बड़ी मलदहिया (मलहिया चौराहा), जयप्रकाश नगर व दयानगर सहित 5 मलिन बस्तियो का विशेष सफाई कार्यक्रम नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराया गया। राजघाट स्थित कुष्ठ सेवा केन्द्र में कुष्ठ रोगियो को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा फल/दवा वितरण किया गया। इसके अलावा विद्यालयों में निबन्ध चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

स्वच्छोदय को झंडी दिखा कर कमिश्नर ने किया रवाना
महात्मा गांधी के जन्म दिवस के अवसर पर 02 अक्टूबर मंगलवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने अपने कार्यालय परिसर से स्वच्छता का संदेश वाहक वाहन हमारा लक्ष्य, भारत स्वच्छ अभियान के ‘‘स्वच्छोदय’’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मिसेज इंडिया अर्थ श्वेता चौधरी भी मौजूद रहीं। इस मौके परनुक्कड़ नाटक का मंचन कर सूखा एवं गीला कूड़ा के अंत को बताते हुए जीवन एवं अपने आसपास स्वच्छता सुनिश्चित किये जाने का सन्देश दिया गया।

नागरिकों को मिली मदर डेयरी के 10 बूथों की सौगात

महात्मा गॉधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के पावन अवसर पर भारत की अग्रणी दुग्ध उत्पादक कंपनी मदर डेयरी ने स्मार्ट सिटी वाराणसी शहर के निवासियों को दूध तथा फल एवं सब्जियों के 10 बूथ का अनावरण कर नई सौगात प्रदान की है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पन्ना लाल पार्क के पास स्थित मदर डेयरी के बूथ का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन दिलीप रथ एवं मदर डेयरी के निदेशक सौगत मित्रा मौजूद थे। इसके साथ ही वाराणसी के लोगों के लिए शहर में गांधी जयंती के पावन अवसर पर कुल 10 दूध एवं ताज़ा फलों और सब्ज़ियों के बूथों की स्थापना एवं शुरूआत की गई। किसान, जवान और ग्राहकों को ध्यान में रखकर अपनी योजना तैयार करने वाली मदर डेयरी की तरफ से गांधी जयंती के मौके पर इन बूथों की शुरूआत की गई है। दिल्ली एवं एनसीआर की अग्रणी कंपनी मदर डेयरी अपने इन बूथों में दूध एवं दूध से बने उत्पादों जैसे दही, आईसक्रीम, लस्सी, छाछ के साथ-साथ ताज़ा फलों और सब्ज़ियों तथा धारा जैसे नामीगिरामी ब्रांड के तेल एवं घी भी शहर के लोगों के लिए मुहैया कराएगी। इसके जरिए शहर के लोगों को दिल्ली की तर्ज पर एक ही छत के नीचे रोजमर्रा जरूरत से जुडे यह समस्त उत्पाद उचित कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगे।

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