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घाटों पर दिखेगी ‘अर्पण कलश’ की चमक, श्रद्धालु स्नान के बाद कलश में अर्पित कर सकेंगे वस्त्र, अस्सी से हुई शुरुआत

घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्नान के बाद छोड़े जाने वाले कपड़े और पूजन सामग्री को एकत्रित करने के लिए 'अर्पण कलश' लगाए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत सोमवार से अस्सी घाट से की गई है...

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वाराणसी: धर्म और संस्कृति की राजधानी कही जाने वाली काशी में गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने के लिए नगर निगम ने अनोखी पहल शुरू की है। घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्नान के बाद छोड़े जाने वाले कपड़े और पूजन सामग्री को एकत्रित करने के लिए 'अर्पण कलश' लगाए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत सोमवार से अस्सी घाट से की गई है।

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य घाटों पर फैलने वाली गंदगी को रोकना और अविरल गंगा की पवित्रता को बनाए रखना है।उन्होंने बताया कि अक्सर लोग स्नान के बाद पुराने कपड़े, फूल-माला और पूजन सामग्री घाटों की सीढ़ियों पर ही छोड़ देते हैं, इससे गंदगी फैलती है और घाटों की सुंदरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार पूजन सामग्रियों पर श्रद्धालुओं के पैर पड़ जाते हैं,जो धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।

इन घाटों पर भी स्थापित होंगे 'अर्पण कलश'

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने पहले चरण में 6 प्रमुख घाटों पर 'अर्पण कलश' स्थापित करने का निर्णय लिया है। सोमवार को अस्सी घाट से इसकी शुरुआत हुई है और जल्द ही ये दशाश्वामेध घाट, राजघाट, पंचगंगा घाट, केदारघाट और सिंधिया घाट पर भी लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि यह सभी घाट शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हैं, जहां हर दिन सैकड़ों और हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं।

घाटों की साफ सफाई में मिलेगी मदद

नगर निगम के मुताबिक, श्रद्धालु अब स्नान के बाद अपने पुराने कपड़े और पूजन सामग्री इन 'अर्पण कलश' में डाल सकेंगे, जिससे घाटों की सुंदरता बरकरार रहेगी और धार्मिक भावनाएं भी आहत नहीं होगी। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति अनजाने में कपड़े या पूजन सामग्री घाट पर छोड़ देता है, तो वहां तैनात सफाई कर्मी उन्हें उठाकर कलश में रख देंगे। इस कार्य से घाटों की साफ सफाई बनाए रखने में मदद मिलेगी।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के विस्तार और विकास के बाद शहर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में घाटों की सुंदरता और सफाई व्यवस्था को बनाए रखना नगर निगम के लिए चुनौती पर्ण होता जा रहा है और इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। इससे कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगा। अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए घाटों की स्वच्छता बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से इस पहल में जुड़ने की अपील की है।